यज्ञ की हर आहुति से वातावरण होता है शुद्ध: पं. ओमवीर शास्त्री, रुद्र महायज्ञ के पांचवें दिन वेदाचार्य ने बताया यज्ञ का वैज्ञानिक महत्व

लखीमपुर खीरी , 3

गोला गोकर्णनाथ खीरी, जमुनाबाद फार्म के ब्लॉक नंबर दो स्थित फकीर बाबा स्थान पर चल रहे श्री रुद्र महायज्ञ के पांचवें दिन यज्ञाचार्य पं. लक्ष्मीकांत मिश्र व वेदाचार्य ओमवीर तिवारी ने यज्ञ का महत्व बताया।
पं.ओमवीर शास्त्री ने कहा कि भगवान की वेदी पर दी जाने वाली हर आहुति से भगवान के प्रति आस्था और समर्पण का भाव तो प्रकट होता ही है, साथ ही आहुति से निकले धुएं से पूरा वातावरण शुद्ध हो जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रकृति का संतुलन बिगड़ने की वजह से समय से न तो बारिश होती है और न ही मौसम ठीक रहता है। बेतहाशा गर्मी का मुख्य कारण हम खुद हैं, क्योंकि इंसान अपने हितों के लिए अंधाधुंध पेड़ों की कटाई कर रहा है। काटे गए पेड़ों के बदले उतने पेड़ नहीं लगाए जाते, जिससे स्थिति विकराल होती जा रही है। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हरे पेड़ काट दिए जाते हैं, लेकिन सड़क बनने के बाद नए पेड़ लगाना भूल जाते हैं।
वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के बीच जब सप्त धारा के बीच बने यज्ञ मंडप में विद्वान पुरोहितों द्वारा आहुतियां दी जाती हैं, तब पूरा वातावरण सुगंधमय हो जाता है। यज्ञ स्थल पर दूर-दूर से आए भक्तों ने डेरा जमाया हुआ है।
यज्ञाचार्य लक्ष्मीकांत मिश्र, एकनाथ शुक्ला व नितिन पांडेय ने फकीर बाबा की महिमा का बखान करते हुए बताया कि मन्नत पूरी होने पर यहां कथा, अखंड रामायण, सुंदरकांड व विशाल भंडारों का आयोजन होते रहते हैं। भागवत कथा व ढोलक की थाप पर मंगल गीत राहगीरों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं।
इस मौके पर कार्यक्रम के संरक्षक पूर्व विधायक रामसरन, आयोजक पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेश चंद्र कनौजिया, हरीश वर्मा, सुरेश वर्मा, अजय वर्मा, कुलदीप वर्मा, मुख्य पुजारी योगेश वर्मा, दिनेश वर्मा, बलबीर राज, विनोद कुमार, चंदन सिंह, अतुल सिंह, सत्यवीर सिंह, दिनेश सिंह, पंकज यादव, संजीव यादव, शिवराज सिंह,जेपी सिंह  जनमेजय यादव सहित तमाम श्रद्धालु मौजूद रहे।

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