UIDAI के सीईओ विवेक चंद्र वर्मा का लखनऊ दौरा, आधार सेवाओं और डिजिटल पहचान सुरक्षा पर दिया जोर

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क्षेत्रीय कार्यालय में लोगों की समस्याएं सुनीं, सात कंपनियों को प्रदान किए OVSE प्रमाणपत्र
 
लखनऊ। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विवेक चंद्र वर्मा ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आधार सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचे नागरिकों से संवाद किया तथा डिजिटल पहचान सत्यापन व्यवस्था को और सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
 
दौरे के दौरान श्री वर्मा ने ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटी (OVSE) प्रमाणपत्र सात कंपनियों के प्रतिनिधियों को प्रदान किए। ये कंपनियां यूआईडीएआई की ऑफलाइन वेरिफिकेशन सेवाओं का उपयोग कर लोगों की पहचान सत्यापित करने के लिए पंजीकृत हुई हैं।
 
अपने संबोधन में श्री वर्मा ने कहा कि यूआईडीएआई की ऑफलाइन वेरिफिकेशन सेवाएं नागरिकों को सुरक्षित, सहज और गोपनीयता-सम्मत पहचान सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराती हैं। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के तहत बिना आधार संख्या साझा किए पहचान सत्यापन संभव है, जिससे उपयोगकर्ताओं की निजता और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
 
उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिक से अधिक संस्थाएं यूआईडीएआई की सुरक्षित डिजिटल पहचान सेवाओं को अपनाएंगी, जिससे नागरिकों को अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी सेवाएं मिल सकेंगी।
 
इस दौरान श्री वर्मा ने क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे नागरिकों से सीधे संवाद कर आधार नामांकन और अपडेट सेवाओं से जुड़ी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही यूआईडीएआई की ओर से सभी निवासियों को सहज और निर्बाध आधार सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
 
क्षेत्रीय कार्यालय, लखनऊ के उप महानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि आधार संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए निवासी ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। इसके लिए  पर लॉग इन कर अथवा क्यूआर कोड स्कैन कर निर्धारित तिथि एवं समय पर क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचा जा सकता है।
 
अपने दौरे के दौरान श्री वर्मा ने लखनऊ के Centrum Hotel में आयोजित एआई ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव में भी हिस्सा लिया। यहां उन्होंने आधार ऐप की विशेषताओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यह ऐप डिजिटल पहचान सत्यापन को आसान बनाने के साथ-साथ उपयोगकर्ता की गोपनीयता और सहमति को भी मजबूत करता है।
 
उन्होंने बताया कि आधार ऐप को “डेटा मिनिमाइजेशन” के सिद्धांत पर विकसित किया गया है, जिसके तहत उपयोगकर्ता केवल वही जानकारी साझा करते हैं जो किसी विशेष सेवा के लिए आवश्यक होती है। इससे निजता की सुरक्षा बढ़ती है और व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग की संभावना कम हो जाती है।
 
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने डिजिटल पहचान, डेटा सुरक्षा और सुरक्षित ऑनलाइन सेवाओं को भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया।

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