मैगलगंज में फूटा जनता का गुस्सा, 3 महीने बाद भी कालीचरण का सुराग नहीं पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल।
लखीमपुर खीरी May 18, 2026 at 06:20 PM , 5मैगलगंज-खीरी ! थाना क्षेत्र के जहाँनगर निवासी कालीचरण यादव के 12 फरवरी से लापता होने के बाद 3 महीने 6 दिन बीत जाने पर भी कोई सुराग न मिलने से सोमवार को परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। बड़ी संख्या में लोग किसान यूनियन के सहयोग से थाने के घेराव के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें ओवरब्रिज से पहले ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
धरने में शामिल लोगों की मुख्य मांग थी कि पुलिस अधीक्षक खीरी स्वयं मौके पर पहुंचकर जवाब दें कि आखिर इतने लंबे समय बाद भी पुलिस कालीचरण यादव का पता लगाने में क्यों नाकाम रही। प्रदर्शन के दौरान परिजनों का दर्द और गुस्सा साफ दिखाई दिया। धरना स्थल पर महिलाएं रोती-बिलखती इंसाफ की गुहार लगाती रहीं।
कालीचरण यादव के बेटे आकाश ने भावुक होकर कहा कि यदि उनके पिता के मामले का जल्द निस्तारण नहीं हुआ तो परिवार आत्महत्या करने को मजबूर होगा। बेटे की यह बात सुनकर माहौल बेहद भावुक हो गया। धरना-प्रदर्शन में किसान नेता भानु गुट के पदाधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। मौके पर 6 थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई। औरंगाबाद चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रोड डायवर्जन भी किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
घंटों चले हंगामे के बाद क्षेत्राधिकारी मितौली और इंस्पेक्टर मैगलगंज ने परिजनों की फोन पर पुलिस अधीक्षक खीरी से वार्ता कराई। आश्वासन दिया गया कि मंगलवार को पीड़ित परिवार की पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक कर मामले की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया।
हालांकि सबसे बड़ा सवाल अब भी बरकरार है कि आखिर 3 महीने 6 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली क्यों हैं। लगातार बीतते समय के साथ पुलिस की कार्यशैली और जांच की गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं। जनता के बीच यह चर्चा तेज है कि यदि शुरुआत से ही पुलिस ने सक्रियता दिखाई होती तो शायद आज परिवार को सड़क पर उतरकर न्याय की गुहार न लगानी पड़ती।































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