फूलबेहड़ ब्लॉक में आंगनबाड़ी भर्ती पर सवाल, गरीबों की नौकरी पर रसूखदारों का कब्जा का आरोप, प्रधानाध्यापक की पत्नी की नियुक्ति पर उठे सवाल

लखीमपुर खीरी , 11

(हरिशंकर मिश्र)

लखीमपुर खीरी। बाल विकास परियोजना में अनियमितता के आरोप थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला ब्लॉक फूलबेहड़ का है, जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। 

ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय खानपुर के प्रधानाध्यापक प्रभु नारायण यादव की पत्नी को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्त कर दिया गया है। नियमानुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर उसी ग्रामसभा की निवासी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। 

ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली पढ़ी-लिखी महिलाएं नौकरी के लिए दर-दर भटक रही हैं, वहीं दूसरी तरफ रसूखदार परिवारों की महिलाओं को नौकरी मिल रही है। 

*शैक्षणिक योग्यता पर भी सवाल:*  
कुछ ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक प्रभु नारायण यादव की ही शिक्षक पद पर नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि उनके शैक्षणिक दस्तावेज जांच के दायरे में हैं। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने पूर्व में विद्यालय भवन निर्माण में मानकविहीन कार्य कराया था। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका भर्ती नियमावली के अनुसार:
1. आवेदिका उसी ग्राम/वार्ड की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
2. आवेदिका की पारिवारिक वार्षिक आय 46,080 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
3. चयन में गरीब, विधवा, तलाकशुदा महिलाओं को वरीयता दी जाती है।
4. सरकारी कर्मचारी या पेंशनर के परिवार के सदस्य पात्र नहीं माने जाते।

लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाय।अगर नियुक्ति नियम विरुद्ध हुई है तो उसे तत्काल रद्द किया जाए। पात्र गरीब महिलाओं को मौका देकर दोबारा पारदर्शी तरीके से चयन हो। प्रधानाध्यापक के दस्तावेजों की भी जांच कराई जाए।
 संबंधित विभागीय जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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