*जिला अस्पताल मोतीपुर की व्यवस्था पर उठे सवाल, मरीजों ने लगाए इलाज में लापरवाही के आरोप*
लखीमपुर खीरी May 09, 2026 at 05:05 PM , 23(सुनील शर्मा)
*लखीमपुर खीरी।* जिला अस्पताल मोतीपुर में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और इलाज प्रक्रिया को लेकर तीमारदारों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कई लोगों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए प्रशासन से जांच की मांग की है। तमाम मामलों में तो जिला अस्पताल के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि जिन मरीजों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं है, उन्हें डिजिटल प्रक्रिया में परेशानी होती है। वहीं गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बिना अधिक जांच के लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है जिस कारण निजी अस्पताल को लोग रेफरल अस्पताल भी कहते हैं। उससे भी मजेदार बात की आम जनमानस में चर्चा है कि यहां से रेफर होने के बाद जनपद के ही कुछ अस्पतालों में तमाम मरीज ठीक होकर घर चले जाते हैं।
तीमारदारों का यह भी कहना है कि मरीजों को लगने वाली एनएस बोतल जैसी सामान्य सामग्री तक उन्हें बाहर से खरीदनी पड़ती है। इसके अलावा गंभीर मरीजों के परिजनों से यह लिखवाए जाने का आरोप लगा है कि इलाज के दौरान कोई अनहोनी होने पर वे खुद जिम्मेदार होंगे, जिसके बाद ही उपचार शुरू किया जाता है।
महिला अस्पताल को लेकर भी तीमारदारों ने समान शिकायतें की हैं। उनका कहना है कि डिलिवरी से पहले परिजनों से यह लिखवाया जाता है कि जच्चा-बच्चा दोनों की जान जोखिम में है, बच्चा गंदा पानी पी गया है या स्थिति उल्टी है। यह सब लिखवाने के बाद ही प्रसव प्रक्रिया शुरू की जाती है।
मरीजों और उनके परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों, दवाओं और इलाज प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि सरकारी अस्पतालों में गरीब और जरूरतमंद मरीज इलाज के लिए आते हैं, ऐसे में उन्हें समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना चाहिए। कुछ भी हो लेकिन जनपद की चिकित्सा सुविधा सरकारी मंशा को ठेस पहुंचाते हुए आम जनमानस के लिए बेमानी साबित हो रही है।































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