*लखीमपुर खीरी में अनुदेशकों को बड़ी सौगात, बढ़े मानदेय पर गूंजी तालियां, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर बोले, शिक्षा के प्रहरी हैं अनुदेशक*
लखीमपुर खीरी May 17, 2026 at 08:15 PM , 3*राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने किया अनुदेशकों का सम्मान, अनुदेशकों के खातों में बढ़ा मानदेय हुआ अंतरित*
*मानदेय बढ़ने से अनुदेशकों में खुशी की लहर, सीएम के कार्यक्रम की हुई लाइव स्ट्रीमिंग*
लखीमपुर खीरी 17 मई। शहर के रॉयल पैराडाइज में रविवार को बेसिक शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित “अनुदेशक सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण” कार्यक्रम ने उत्सव का माहौल बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ कारागार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने डीएम अंजनी कुमार सिंह और सीडीओ अभिषेक कुमार के साथ दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में सीएम के राज्य स्तरीय कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग देखी और सुनी गई। सीएम के भाषण को सुनकर अनुदेशकों ने खूब तालियां बजाई। इस दौरान परिषदीय विद्यालयों की छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सफल संयोजन बीएसए प्रवीण तिवारी ने किया।
*सम्मानित हुए अनुदेशक, खातों में पहुंचा बढ़ा मानदेय*
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में अनुदेशक रुचि वर्मा, शैलप्रिया, मंजू मिश्रा, कामता प्रसाद, परमजीत सिंह, रविंद्र सिंह राना, कन्हैयालाल राजवंशी, करन सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, नीरज कुमार को बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रमाण पत्र एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर शिक्षामित्रों को बढ़े हुए 17 हजार रुपये मानदेय के चेक भी प्रदान किए गए। साथ ही जिले के सभी 826 अनुदेशकों के खातों में बढ़ा हुआ मानदेय अंतरित कर दिया गया।
*अनुदेशक शिक्षा के प्रहरी, 17 हजार मानदेय से मजबूत होगा परिवार व शिक्षा व्यवस्था : राज्यमंत्री*
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने कहा कि यह ऐतिहासिक पल है, जब सरकार अनुदेशकों और शिक्षामित्रों के बीच खुशियां लेकर पहुंची है। सरकार ने मानदेय बढ़ाकर उनके योगदान और सम्मान को नई पहचान देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि अनुदेशक ऐसा कार्य करें कि वे व्यवस्था की मजबूरी नहीं, बल्कि आवश्यकता बन जाएं। बच्चों को केवल शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनमें संस्कार और नैतिक मूल्यों का बीजारोपण करना भी शिक्षकों की बड़ी जिम्मेदारी है। शिक्षा और संस्कार के समन्वय से ही मजबूत समाज और बेहतर राष्ट्र का निर्माण संभव है।
राज्यमंत्री ने कहा कि अनुदेशक वास्तव में शिक्षा व्यवस्था के प्रहरी हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी बेसिक शिक्षा को मजबूती देने का काम किया। अब अनुदेशकों को बढ़ा हुआ मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में मिलेगा, जिससे उन्हें आर्थिक संबल प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि अब अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे अधिक उत्साह के साथ शिक्षण कार्य कर सकेंगे।
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय अनुदेशकों के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा।































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