*चभाल फार्म की 258 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा, स्कूल चलाकर ली सरकारी मान्यता; शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप*

लखीमपुर खीरी , 51

(हरिशंकर मिश्र/सत्यदेव)

*लखीमपुर खीरी।* ब्लॉक फूलबेहड़ के ग्राम बसैगापुर स्थित चभाल कृषि सहकारी समिति की 258 एकड़ जमीन पर भू-माफियाओं के कब्जे और उस पर स्कूल संचालन कर सरकारी मान्यता लेने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि शिक्षा विभाग की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर विवादित भूमि पर स्कूल को मान्यता दे दी गई।  

*बैनामे से कब्जा, फिर स्कूल खोलकर पक्का किया इरादा*  
स्थानीय लोगों के मुताबिक भू-माफियाओं ने पहले चभाल कृषि सहकारी समिति की जमीन का बैनामा कराकर कब्जा किया। इसके बाद उसी विवादित भूमि पर 2017 में तेज रसीला पब्लिक स्कूल खोल दिया गया। कागजों में स्कूल को कक्षा 5 तक की मान्यता मिली, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि यहां कक्षा 8 तक पढ़ाई हो रही है।  

*नियमों की अनदेखी का आरोप*  
बेसिक शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार विवादित भूमि पर किसी भी विद्यालय को मान्यता नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद 2017 में तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी फूलबेहड़ और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्धप्रिय सिंह पर शासनादेश की अनदेखी कर मान्यता देने का आरोप है।  

स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा विभाग ने भू-माफियाओं को अप्रत्यक्ष सहयोग देकर जमीन पर कब्जा पक्का करने का रास्ता खोल दिया।  

*अब आश्रम खोलकर बचाने की कोशिश*  
जांच और कार्रवाई तेज होने के बाद एक भू-माफिया चंद्र प्रकाश अरोड़ा ने अब उसी जमीन पर गुरु कृपा आश्रम खोलकर कब्जा बनाए रखने की कोशिश शुरू कर दी है।  

अप्रैल 2024 में सहायक निबंधक सहकारिता ने उक्त जमीन पर गेहूं की फसल काटने और भू-माफियाओं के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। बावजूद इसके जमीन पर लगातार खेती हो रही है और फसलें उगाई जा रही हैं। फसल सहकारिता विभाग की है या माफियाओं की, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।  

*उच्च स्तरीय जांच की मांग*  
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पूरा मामला संदेह के घेरे में है। शिक्षा विभाग की भूमिका, विवादित भूमि पर खेती का जारी रहना और कब्जा बनाए रखने के नए हथकंडे इस मामले को और पेचीदा बना रहे हैं।  

लोगों ने मांग की है कि शासन स्तर से निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि जमीन का असली मालिकाना हक और विभागीय अधिकारियों की भूमिका सामने आ सके।

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