भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा इंसाफ पुलिस पर लगे साठगांठ के आरोप

लखीमपुर खीरी , 25

गोला गोकर्णनाथ में हुई हत्या। अंतिम संस्कार के बाद बदली रिपोर्ट। आरोपियों को बचाने में जुटी पुलिस पीड़ित भाई पहुचा एसपी दरबार लगाई न्याय की गुहार

(सुनहरा)

लखीमपुर खीरी गोला गोकर्णनाथ में एक बहन की हत्या के बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के भाई ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेरफेर का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि पुलिस आरोपियों को बचा रही है और उस पर दबाव बना रही है। मामले में पुलिस अधीक्षक से उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।

मामला थाना फूलबेहड़ के ग्राम लौकिहा निवासी विनीत कुमार मिश्रा से जुड़ा है। पीड़ित विनीत ने बताया कि उसकी बहन की हत्या गोला गोकर्णनाथ में की गई। आरोप है कि विनोद शुक्ला सुमन उर्फ गुड्डी और अन्य अज्ञात लोगों ने हत्या की है। इस संबंध में थाना गोला में मुकदमा संख्या 0173/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत केस दर्ज है।

विनीत ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचा तो बहन का शव कमरे के अंदर पड़ा था। शव पर चादर पड़ी थी। तिजोरी टूटी पड़ी थी। सामान बिखरा पड़ा था। कमरे से दुर्गंध आ रही थी और पंखा चल रहा था। कमरे के दरवाजे अंदर और बाहर दोनों तरफ से बंद थे। मामला पूरी तरह संदिग्ध लग रहा था।

पीड़ित ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

विनीत का आरोप है कि गोला कोतवाल ने उस पर शव का अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाया। उसने पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने की मांग की। लेकिन पुलिस ने उसकी मांग को अनसुना कर दिया।

पीड़ित का कहना है कि अंतिम संस्कार के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेरफेर कर दी गई। इससे आरोपियों को सीधा फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। विनीत ने आरोप लगाया कि कोतवाल उसे लगातार धमका रहे हैं। झूठे केस में फंसाने की बात कह रहे हैं।

वीडियो बनाने पर पुलिस ने उसका मोबाइल भी छीन लिया। उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। पीड़ित का कहना है कि स्थानीय पुलिस से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है।

ज्यादा होशियारी की तो तेरा अपराधिक इतिहास खंगालने के बाद हत्यारों को नहीं तुझे भेजेंगे जेल

विनीत का आरोप है कि कोतवाल ने उसे धमकाते हुए कहा कि ज्यादा होशियारी की तो तेरा अपराधिक इतिहास खंगालने के बाद हत्यारों को नहीं तुझे भेजेंगे जेल। इस धमकी से पीड़ित परिवार दहशत में है।

उच्च स्तरीय जांच की मांग

विनीत ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया है। उसने मांग की है कि मामले की जांच किसी वरिष्ठ और निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेरफेर और साक्ष्य नष्ट करने की उच्च स्तरीय जांच हो। दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही उसे और उसके परिवार को सुरक्षा दी जाए।


गोला में बहन की हत्या। तिजोरी टूटी। सामान बिखरा। भाई पर दबाव। न्याय की गुहार

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल। पोस्टमार्टम से पहले वीडियोग्राफी नहीं कराई गई। अंतिम संस्कार के बाद रिपोर्ट बदली गई। पीड़ित परिवार दहशत में है। पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बाद मामला गरमा गया है। अब सबकी नजर जांच पर टिकी है।

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