भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा सुंदरवल जिला सहकारी बैंक शाखा प्रबंधक की तानाशाही से कर्मचारी और किसान बेहाल
लखीमपुर खीरी Apr 28, 2026 at 05:45 PM , 33लखीमपुर खीरी: जनपद के सुंदरवल स्थित जिला सहकारी बैंक में भ्रष्टाचार और शाखा प्रबंधक की मनमानी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के वेतन को रोकने और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वेतन के लिए दर-दर भटक रहा कर्मचारी
जानकारी के मुताबिक, फूलबेहड़ ब्लॉक की मौजमाबाद किसान सेवा सहकारी समिति के सेवानिवृत्त कर्मचारी सुरेंद्र अवस्थी का कार्यकाल, कर्मचारियों की कमी के चलते समिति के अध्यक्ष और संचालक मंडल ने 6 माह के लिए बढ़ा दिया था। इसका विधिवत प्रस्ताव जिला सहकारी बैंक सुंदरवल और जिला सहायक निबंधक सहकारिता को भेजा गया था। आरोप है कि जब सुरेंद्र अवस्थी अपने 5 माह के रुके हुए वेतन के लिए शाखा प्रबंधक अनुज पुरी से मिले, तो प्रबंधक ने हीला-हवाली करते हुए उन्हें आज-कल कह कर टाल दिया। पीड़ित कर्मचारी पिछले कई महीनों से अपने हक की कमाई के लिए बैंक के चक्कर काट रहा है।
भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप
शाखा प्रबंधक पर केवल उत्पीड़न ही नहीं, बल्कि गंभीर वित्तीय साठगांठ के भी आरोप लगे हैं। चर्चा है कि प्रबंधक ने चभाल सहकारी समिति के लंबे समय से बंद पड़े खाता संख्या 24 को एक 'तीसरे भू-माफिया' के जरिए नियमों को ताक पर रखकर दोबारा चालू कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाखा प्रबंधक के इन कारनामों के कारण आम खाताधारक और किसान आए दिन शोषण का शिकार हो रहे हैं।
कमीशनखोरी का बोलबाला
सूत्रों का दावा है कि शाखा प्रबंधक के कार्यक्षेत्र में आने वाली समितियों के सचिवों से कमीशन लिए बिना नकद भुगतान नहीं किया जाता। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधक की तानाशाही और शोषण से पूरी कार्यप्रणाली दूषित हो चुकी है।
क्षेत्रीय जनता और पीड़ितों की मांग है कि यदि कोई निष्पक्ष जांच एजेंसी ईमानदारी से इन शिकायतों की जांच करे, तो बैंक में व्याप्त बड़े भ्रष्टाचार के खेल का पर्दाफाश हो सकता है। फिलहाल, बैंक प्रशासन के इस रवैये को लेकर किसानों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।































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