ब्रेन डेड के अंगदान पर खीरी में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, हरीश राणा की मिसाल बनी प्रेरणा
लखीमपुर खीरी Apr 25, 2026 at 06:55 PM , 40लखीमपुर खीरी। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय देवकली में 'मेडिकल एल्ट्रिज्म - परोपकारार्थमिदं शरीरम्' विषय पर प्रदेश का पहला दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार को शुरू हुआ। सम्मेलन में अंगदान से जीवन बचाने का संदेश दिया गया।सम्मेलन का शुभारंभ सदर विधायक योगेश वर्मा, श्रीनगर विधायक मंजू त्यागी, भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता, डीएम अंजनी कुमार सिंह, प्रधानाचार्या डॉ. वाणी गुप्ता, सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।प्रधानाचार्या डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि यह उत्तर प्रदेश में इस विषय पर पहला सम्मेलन है। इसमें 567 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने ब्रेन डेड घोषित युवा हरीश राणा के परिवार द्वारा अंगदान की मिसाल साझा की, जो देश के लिए प्रेरणा बना।
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल से आए डॉ. अभिषेक रे ने आंत प्रत्यारोपण की जटिल प्रक्रिया समझाई। एसजीपीजीआई के प्रो. डॉ. जिया हाशिम ने ब्रेन डेड की कानूनी परिभाषा बताई। प्रो. डॉ. राजेश हर्षवर्धन ने लापरवाही, गोपनीयता और डॉक्टर-मरीज संबंधों के कानूनी पहलुओं पर चर्चा की।
डाॅ. विष्णु शंकर शुक्ला ने किडनी प्रत्यारोपण की चुनौतियाँ बताईं। मेदांता लखनऊ के डॉ. अंशुल गुप्ता ने बोन मैरो प्रत्यारोपण पर मार्गदर्शन दिया। मोहन फाउंडेशन ने एमबीबीएस छात्रों के लिए कार्यशाला की।
राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज अयोध्या की डॉ. वंदना गुप्ता ने बताया कि सरोगेसी निसंतान दंपतियों के लिए आशा की किरण है और चिकित्सा का परोपकारी रूप है।
सम्मेलन को नाटो और एमसीआई से सराहना मिली। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शुभकामना संदेश भेजा। डीएम अंजनी कुमार सिंह ने भी कार्यक्रम की प्रशंसा की।































Comments