*चोटी बेधक कीट से बचाव हेतु किसान जागरूकता रैली*

लखीमपुर खीरी , 36

गोला गोकर्णनाथ (खीरी)बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड चीनी मिल गोला गोकर्णनाथ ने गन्ने की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाने वाले चोटी बेधक कीट से बचाव हेतु किसानों को जागरूक करने के लिए किसान जागरूकता रैली को गोला मिल के वरिष्ठ महाप्रबन्धक गन्ना पी एस चतुर्वेदी एवं संचालक सहकारी गन्ना विकास समिति गोला श्याम सिंह ने मिल गेट से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यह रैली मिल पारीक्षेत्र के सैकड़ों गावों से होकर गुजरेगी और किसानों को चोटी बेधक कीट से बचाव के तरीकों को बताकर जागरूक करेगी। इस समय तापक्रम बड़ी तेजी से बढ़ रहा है,ऐसे तापक्रम में गन्ने की फसल में कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है। इस वजह से गन्ने के खेतों की निगरानी करने की जरूरत है,साथ ही साथ गन्ने की फसल की निरंतर सिंचाई एवं गुड़ाई करते रहने की नितान्त आवश्यकता है। इस समय गन्ने को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाने वाला कीट चोटी बेधक कीट की पहली पीढ़ी का प्रकोप दिखाई दे रहा है, इसकी पाँच पीढियां पायी जाती है,तीसरी पीढ़ी सबसे अधिक नुकसान पहुँचाती है। इसकी पहचान करने के लिए जब खेत मे गन्ने के क़िल्लो का मुख्य बढ़वार बिन्दु मृतसार (डेडहर्ट) बन जाता है,जो खींचने पर आसानी से नहीं निकलता, गोफ के किनारे की किसी पत्ती के मध्य शिरा पर लाल धारी का पाया जाना, गोफ के किनारे की पत्तियों की मध्यशिरा की तरफ मुड़ जाना तथा उन पर गोल गोल काले छर्रे नुमा छेंद पाए जाना तथा झाड़ी नुमा शिरा (बंचीटॉप) पाया जाना है। इसकी रोकथाम के लिये जिस भी खेत मे इसका प्रकोप दिखायी दे उस खेत के समस्त प्रभावित क़िल्लो को खुरपी की सहायता से ज़मीन की सतह से एक से डेढ़ इन्च नीचे से काटकर खेत से बाहर निकालकर चारे में प्रयोग कर ले या जमीन में गड्डा खोदकर दबा दे। साथ ही तत्काल सी.टी.पी.आर.(ट्वेंटा-50 मिली०),वोलियम,सुपरसिक्सर की 150 मिली० मात्रा 400 लीटर पानी के साथ घोल बनाकर गन्ने की लाइनों में जड़ो के पास नैपसैक स्प्रेयर से (27 टंकी) ड्रेंचिग कराने की सलाह दी जा रही है।
इस अवसर पर मिल के समस्त अधिकारी व गन्ना सुपरवाइजर उपस्थित रहे।

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