मिले यदि प्रेम का प्याला जहर भी जाम होता है, हृदय जो प्रेम में डूबा वो प्रभु का धाम होता है, छोटी काशी में बही काव्य रस धारा, रातभर डटे रहे काव्यप्रेमी ।

लखीमपुर खीरी , 32

गोला गोकर्णनाथ। दिनांक 11.04.2026 को मेला चैती के सांस्कृतिक मंच पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन  हुआ, जिसमें कवियों ने विभिन्न विधाओं में अपना काव्यपाठ कर दर्शकों को देर रात तक रोके रखा।
 छोटी काशी में ऐतिहासिक मेला चैती 2026 के चौदहवें दिन सांस्कृितक मंच पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा अवध प्रांत कमलेश मिश्रा कार्यक्रम अध्यक्ष डा० आशुतोष गुप्ता, विशिष्ट अतिथि उपजिलाधिकारी गोला प्रतीक्षा त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी मितौली मधुसूदन गुप्ता, प्राचार्य सरस्वती विद्या निकेतन महेंद्र त्रिपाठी, भाजपा जिला मंत्री राकेश अर्कवंशी, भौतिक विज्ञान शिक्षक कोटा राजस्थान राम संत ,पूर्व नगर अध्यक्ष भाजपा लखीमपुर दीपक पुरी , प्रबंधक ग्रीन फील्ड स्कूल आलोक मिश्रा एवं नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का शुभारंभ द्वीप प्रज्वलित कर किया।इसके बाद अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर पुष्प मालाओं से स्वागत करते हुए सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया,
मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा अवध प्रांत कमलेश मिश्रा ने कहा- ,देश के लाखों लोंगों ने राम मंदिर का सपना देखा था, हमारी सरकार में वह पूरा हो गया ।आज कावंरियों पर पुष्प वर्षा होती है, गोला में शिव कारीडोर बन रहा है, हम 2047 में विकसित भारत का सपना देख रहे है ।आप सबसे निवेदन है मेरे साथ कदम मिलाकर चलते रहो हम फिर से भारत को विश्वगुरु बनाने वाले है,
हैदरगढ़ के शिव किशोर तिवारी खंजन ने -
मिले यदि प्रेम का प्याला जहर भी जाम होता है,
हृदय जो प्रेम में डूबा वो प्रभु का धाम होता है।
है जिनका कार्य उत्तम और उततम है घराना भी,
नहीं दशरथ का बेटा बनके पैदा राम होता हैै।।
लखनऊ के डॉ सुफलता त्रिपाठी ने कुछ यूं फरमाया-
धृतराष्ट्र अब न द्रोपदी कोई बनाइए
श्रावण के द्वन्द फन्द से सीता बचाइए
बरूद की बढ़ती हुई आंधी तो राकिए
टपनी जमीन आसमा सूरज बचाइए।
विनीत चौहान अलवर ने कहा-
सीमा नहीं खींचा करती है, कागज बिछी लकीरों से
ये घटती बढ़ती रहती हैं, वीरों की रायगीवों सें।
कानपुर के हेमन्त पांडे ने कहा-
एक फूल तुझे देने के लिए सस्ते में ले लिया
देखे न कोई इसलिए बस्ते में ले लिया।
फूल तुझे देने को निकले थे जानेमन
बजरंग दल वालों ने उसे रस्ते में ले लिया।।
गया बिहार की अल्पना आनंद ने राधा कृष्ण की बात कुछ यूं कही-
मन के बता रही है सभी हाल ओढ़नी,
रक्खी रहती है यूंही कई साल ओढ़नी।
जब से चले गए हैं कृष्ण तब से आज तक
ओढ़ी नहीं है राधिका ने लाल ओढ़नी।।
प्रयागराज के अखिलेश द्विवेदी ने कहा-
हम अपना दर्द बांटे या न बांटे पर हंसी बांटे।
भुलाकर सारे गम अपने सभी केे संग खुशी बांटें।।
उन्नाव के स्वयं श्रीवास्तव ने सुनाया 
एक शख्स क्या गया कि पूरा काफिला गया 
तूफा था तेज पेड़ को जड़ से हिला गया। 
जब सल्तनत से दिल की ही रानी चली गयी, 
बाक्स-
13 अप्रैल 2026 को चैती मेला के सांस्कृतिक मंच पर भोजपुरी कार्यक्रम शिवानी सिंह द्वारा सायं सात बजे से।

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