*जन सहभागिता से अवैध निर्माण पर लगाएं प्रभावी रोकः मंडलायुक्त डॉ0 रोशन जैकब*

जनपत की खबर , 266

*लखनऊ विकास प्राधिकरण भवन स्थित सभागार में मंडलायुक्त के समक्ष आई0सी0एम0एस0 साॅफ्टवेयर का किया गया प्रस्तुतिकरण*

 *मण्डलायुक्त ने प्रवर्तन में तैनात अभियंताओं को सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिलाकर इसे जल्द क्रियाशील बनाने के दिये निर्देश*  


लखनऊ 2 नवबंर2022 (सूचना विभाग)
शहर में अवैध निर्माण पर लगाम लगाने के लिए तैयार किये गए आई0सी0एम0एस (इलीगल कंस्ट्रक्शन माॅनिटरिंग सिस्टम) का बुधवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष/मण्डलायुक्त डाॅ0 रोशन जैकब के समक्ष प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस मौके पर मण्डलायुक्त ने निर्देशित किया कि प्रवर्तन में तैनात अभियंताओं को इस साॅफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिलाकर इसे जल्द से जल्द क्रियाशील करें, जिससे कि जन सहभागिता से अवैध निर्माणों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। 

इस मौके पर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने साॅफ्टवेयर के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह साॅफ्टवेयर तीन पार्ट में डिजाइन किया गया है, जोकि आपस में इंटीग्रेटेड होंगे। इसके अंतर्गत यू0पी0डी0ए0 नाम से मोबाइल एप तैयार कराया गया है, जोकि एन्ड्राइड व आई0ओ0एस0 दोनों पर उपलब्ध होगा तथा एप को प्ले स्टोर/एप्पल स्टोर सेे डाउनलोड किया जा सकेगा। इस एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अवैध निर्माण की शिकायत सीधे दर्ज करा सकेगा। इसके लिए उसे प्रश्नगत स्थल पर जाकर एप पर एक्सेस करके अवैध निर्माण की कम से कम तीन फोटो लेकर अपलोड करनी होगी। फोटो अपलोड होते ही उक्त स्थल का लैटीट्यूड/लाॅगिट्यूड व जोन का चयन एप स्वतः कर लेगा। शिकायतकर्ता एप पर दिये बाॅक्स में अवैध निर्माण से सम्बंधित सूचना व लैंडमार्क आदि अंकित कर सकेंगे।

 आई0सी0एम0एस0 एप पर अवैध निर्माण की शिकायत सेव करते ही शिकायतकर्ता को एक यूनीक आईडी नंबर प्राप्त होगा। भविष्य में उक्त शिकायत पर होने वाली कार्यवाही से सम्बंधित सूचना शिकायतकर्ता को प्रदान की जाएगी। 


विशेष कार्याधिकारी, आई0टी0 सेल देवांश त्रिवेदी ने बताया कि शिकायत दर्ज होते ही इसकी डिटेल सम्बंधित जोनल अधिकारी/विहित प्राधिकारी के पास तत्काल पहुंच जाएगी। इसके बाद सम्बंधित अभियंता मौके पर जाकर नियमानुसार स्थल का निरीक्षण करके स्पाॅट मेमो बनाएंगे तथा स्थल की फोटो व स्पाॅट मेमो इसी एप पर अपने लाॅगिन से अपलोड करेंगे। यह सारी सूचनाएं विहित प्राधिकारी के डाटाबेस में स्वतः अपलोड हो जाएंगी। तत्पश्चात विहित प्राधिकारी द्वारा प्रकरण का अध्ययन करके नियमानुसार कार्यवाही प्रचलित की जाएगी। इस साॅफ्टवेयर के पूरी तरह क्रियाशील होने के बाद मैन्युअल नोटिस पूर्णतः बंद कर दी जाएंगी तथा अवर अभियंता स्थल पर जाकर ई-साइन वाला नोटिस चस्पा करके तत्समय इसकी फोटो डाटाबेस में अपलोड करेंगे।

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