महिला शक्ति को सलाम: 986 महिला रिक्रूट आरक्षियों की दीक्षांत परेड में CM योगी का संदेश—“अपराधियों के लिए कठोर, नागरिकों के प्रति संवेदनशील बनें”
जनपत की खबर Apr 26, 2026 at 10:30 AM , 23लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम सामने आया है। 986 महिला रिक्रूट आरक्षियों की दीक्षांत परेड के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें कर्तव्य, अनुशासन और संवेदनशीलता का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश भर के 10 पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, 73 जनपदों की पुलिस लाइंस और 29 पीएसी बटालियनों सहित कुल 112 प्रशिक्षण केंद्रों में एक साथ इस दीक्षांत परेड का आयोजन किया गया। यह आयोजन राज्य पुलिस व्यवस्था की व्यापकता और संगठित प्रशिक्षण प्रणाली को दर्शाता है।
उन्होंने याद दिलाया कि 15 जून 2025 को लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा 60,244 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे, जिसके बाद 21 जुलाई 2025 से प्रशिक्षण शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण करने का अवसर मिला और उन्होंने पाया कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और सुविधाएं पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई हैं।
कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश दंगों और लंबे कर्फ्यू के लिए जाना जाता था, लेकिन आज उत्तर प्रदेश पुलिस समय रहते हालात नियंत्रित करने में सक्षम है। उन्होंने इसे बेहतर सुरक्षा व्यवस्था का परिणाम बताया।
महिला भागीदारी पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिला पुलिस बल की हिस्सेदारी 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस अब केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है।
नई नियुक्त महिला आरक्षियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कानून अपराधियों के लिए जितना कठोर होना चाहिए, उतना ही आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील भी होना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी प्रशिक्षित आरक्षी अपने ज्ञान, कौशल और मूल्यों का उपयोग करते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगी।
यह दीक्षांत परेड न केवल प्रशिक्षण की पूर्णता का प्रतीक है, बल्कि प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के नए युग की भी शुरुआत मानी जा रही है।































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