भाजपा सरकार के एमएलसी उमेश दिवेदी ने शिक्षकों की उठाई आवाज, मुख्यमंत्री योगी को लिखा पत्र

जनपत की खबर , 381

*उत्तर प्रदेश् बोर्ड द्वारा लिए गए परीक्षा शुल्क से कोरोना काल की भीषण महामारी के कारण भूखमरी की स्थिति में पहुँच चुके वित्तविहीन शिक्षकों को  दिया जाये राहत पैकेज*
    
ए,के,दुबे
लखनऊ । भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी व शिक्षक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष उमेश दिवेदी ने शिक्षकों की दयनीय स्थिति से अवगत कराने के सम्बंध मे योगी सरकार को पत्र लिखा। उमेश दिवेदी ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि उत्तर प्रदेश के लाखों वित्तविहीन शिक्षक कोरोना के कारण विद्यालय बन्द होने व वेतन प्राप्त न  होने से अपना व परिवार का जीवनयापन  भी नही कर पा रहे है। विद्यालयों में न के बराबर शुल्क आया है जिससे अधिकांश प्रबंधकों ने शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतन देना कई महीनों से बन्द कर दिया है। यह शिक्षक प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा में 87% भागीदारी रखते हैं पर आज दीन-हींन दशा में हैं। बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक,  मूल्यांकन करके इन्हें कुछ आय हो जाती थी लेकिन परीक्षा निरस्त होने से इन पर और भी आपदा आ गयी है। पूरे प्रदेश में लाँकडाउन के कारण विद्यालय पूरी तरह बन्द हैं। आगे भी कब तक बन्द रहेंगे कहा नही जा सकता यह अन्य कोई कार्य भी नही कर सकते है। बोर्ड द्वारा प्रत्येक छात्र से 500-600 रुपये परीक्षा मद में लिए गए हैं जो अरबो रुपये हो रहा है यदि इसी पैसे से इन शिक्षकों को कोरोना राहत दे दी जाये तो भी इस आपदा में वित्तविहीन शिक्षकों के आंसू पोछे जा सकते है।वर्तमान परिस्थिति में शिक्षक व कर्मचारी बहुत ही दुखी, हताश, निराश है शिक्षकों व कर्मचारियों में सरकार के प्रति नकारात्मक का संदेश जा रहा है तथा  संगठन व सरकार के प्रति शिक्षकों में अविश्वास पैदा हो रहा है। अतः गम्भीरतापूर्वक अति उदार मन से विचार करते हुए जीविकोपार्जन करने के लिए कोरोना राहत पैकेज उक्त शिक्षकों को दिए जाने का आदेश-निर्देश संबंधितों को देने का निवेदन किया है जिससे इन शिक्षकों/कर्मचारियों का भी जीविकोपार्जन हो सके।

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