**लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर में भीषण आग से हड़कंप, जान बचाने के लिए दूसरी मंजिल से कूदे छात्र; सीएम योगी ने दिए राहत-बचाव के निर्देश**

जनपत की खबर , 23
  •  **लखनऊ।** राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को एक कोचिंग संस्थान में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी विकराल थी कि कई छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए दूसरी मंजिल की खिड़कियों से छलांग लगा दी। हादसे में कई छात्रों के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद मौके पर पहुंची दमकल की टीमों ने राहत और बचाव अभियान शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोचिंग सेंटर में अचानक आग लगने के बाद धुआं तेजी से फैल गया, जिससे अंदर मौजूद छात्रों में दहशत फैल गई। बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलने पर कुछ छात्रों ने खिड़कियों से नीचे छलांग लगाई। मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और घटना की पूरी जानकारी लेने के निर्देश दिए हैं। आग बुझाने के लिए दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते रहे अलीगंज में हुई इस घटना ने कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी क्षेत्र के कई कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास और फायर एनओसी को लेकर जांच की जा चुकी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, कोचिंग संस्थानों में नियमित फायर ऑडिट, पर्याप्त आपातकालीन निकास द्वार, अग्निशमन उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। बहुमंजिला भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी छात्रों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर में लगी आग ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा नियमों का पालन कितना प्रभावी ढंग से हो रहा है। प्रशासन की जांच और कार्रवाई के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

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