लखनऊ में क्षमता निर्माण आयोग की क्षेत्रीय कार्यशाला: iGOT और एआई-सक्षम प्रशिक्षण पर मंथन
जनपत की खबर Feb 24, 2026 at 06:05 PM , 20लखनऊ। क्षमता निर्माण आयोग (CBC) ने मंगलवार को लखनऊ में प्रौद्योगिकी, iGOT प्लेटफॉर्म और एआई-सक्षम प्रशिक्षण गुणवत्ता संवर्धन विषय पर एक क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यक्रम टास्क फोर्स–3 (TF-3) के अंतर्गत भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान (IRITM), लखनऊ में आयोजित हुआ। कार्यशाला में उत्तरी राज्यों के राज्य सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थानों (CSTIs) के 60 से अधिक अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें कुछ प्रतिभागी ऑनलाइन भी जुड़े।
कार्यक्रम की शुरुआत CBC की प्रधान सलाहकार सुश्री चंद्रलेखा मुखर्जी के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने, iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता बढ़ाने तथा उत्तरदायी एआई-आधारित प्रशिक्षण पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके बाद IRITM के महानिदेशक श्री रंजन प्रकाश ठाकुर ने प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल और एआई-आधारित क्षमता निर्माण के नए दृष्टिकोणों के लिए संस्थागत तत्परता विकसित करना समय की आवश्यकता है।
टास्क फोर्स–3 के अध्यक्ष श्री सिबिचेन मैथ्यू ने TF-3 की विषयगत प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालते हुए न्यूनतम डिजिटल अवसंरचना मानकों, संरचित डिजिटल तत्परता ढांचे तथा प्रशिक्षण गुणवत्ता के एकरूप मानकों की आवश्यकता रेखांकित की।
तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने विभिन्न आयामों पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दीं। एनसीए-एफ के उपमहानिदेशक श्री कमल कपूर ने प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रशिक्षण ढांचे, डिजिटल अवसंरचना तथा मान्यता से जुड़े तत्परता संकेतकों पर चर्चा की। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के अतिरिक्त निदेशक श्री राजकुमार बाजपेयी और एनएडीटी के संयुक्त निदेशक श्री सतीश मेनन ने iGOT पाठ्यक्रम गुणवत्ता, प्राथमिकता निर्धारण और ब्लेंडेड लर्निंग मानकों पर विचार साझा किए।
कर्मयोगी भारत के मुख्य परिचालन अधिकारी श्री राकेश वर्मा ने एआई-सक्षम प्रशिक्षण उपकरणों, डेटा नैतिकता और उत्तरदायी एआई अपनाने से जुड़े सुरक्षा उपायों पर जानकारी दी। जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी के महानिरीक्षक श्री बी.बी. राव ने पुलिस प्रशिक्षण हेतु विकसित ‘प्रथम’ डिजिटल प्रशिक्षण उपकरण की प्रस्तुति दी।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने समूह चर्चाओं के माध्यम से क्षेत्रीय अनुभव, कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियां और सुधारात्मक सुझाव साझा किए। चर्चाओं में विशेष रूप से प्रौद्योगिकी अपनाने, iGOT एकीकरण और एआई-सक्षम प्रशिक्षण गुणवत्ता के बीच तालमेल पर महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आए।
कार्यक्रम का समापन प्रमुख निष्कर्षों के सार और आगामी कार्ययोजना की रूपरेखा के साथ किया गया। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से डिजिटल और एआई-आधारित क्षमता निर्माण को नई दिशा मिलेगी।































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