डायट लखनऊ में ‘हमारा आंगन–हमारे बच्चे उत्सव’: पूर्व प्राथमिक शिक्षा के महत्व पर जोर, उत्कृष्ट शिक्षकों व छात्रों का सम्मान

राष्ट्रीय , 23

लखनऊ, 24 फरवरी 2026। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) लखनऊ में “हमारा आंगन–हमारे बच्चे उत्सव” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनसमुदाय के समक्ष पूर्व प्राथमिक शिक्षा (3–6 वर्ष आयु वर्ग) के महत्व को रेखांकित करना तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ डायट के प्राचार्य रामप्रवेश, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार तथा खंड शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) राजेश कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) अवधेश शुक्ला, डीसी निपुण शिल्पी सक्सेना तथा एसआरजी क्षमा सिंह ने प्री-प्राइमरी शिक्षा और निपुण भारत मिशन की अवधारणा पर विस्तार से जानकारी दी।
शैक्षणिक सामग्री व बाल वाटिका की प्रदर्शनी
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों एवं बाल वाटिकाओं में उपलब्ध कराई जा रही शिक्षण-अधिगम सामग्रियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें टीएलएम सामग्री, खिलौने, कार्य-पुस्तिकाएं, शिक्षक मैनुअल, वंडर बॉक्स, स्टेशनरी, बाल-मैत्री फर्नीचर, आउटडोर प्ले सामग्री, ‘फोर लर्निंग कॉर्नर’ तथा ‘बाला फीचर’ से सुसज्जित कक्षाओं के मॉडल प्रदर्शित किए गए।
प्रदर्शनी प्रतियोगिता में सरोजिनी नगर प्रथम, काकोरी द्वितीय तथा माल व गोसाईंगंज संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे।
अभिभावकों की भूमिका पर विशेष बल
मुख्य अतिथि प्राचार्य रामप्रवेश ने अपने संबोधन में बच्चों की सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने ईसीसीई (ECCE) एजुकेटरों के दायित्वों, गतिविधियों और प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर भी प्रकाश डाला।
उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं का सम्मान
कार्यक्रम के समापन पर वर्ष 2025–26 में पूर्व प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले नोडल एसआरजी/एआरपी, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री, नोडल शिक्षक, सुपरवाइजर, नोडल शिक्षक संकुल, शिक्षामित्र, ईसीसीई एजुकेटर, निपुण छात्र एवं उनके अभिभावकों को प्रशस्ति-पत्र और स्टेशनरी किट देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जनपद के एसआरजी, एआरपी, नोडल शिक्षक (बाल वाटिका), ईसीसीई एजुकेटर, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर, विद्यार्थी एवं अभिभावकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के उत्सव पूर्व प्राथमिक शिक्षा को सशक्त बनाने और समाज में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका  निभाएंगे।

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