KSSSCI में प्रोटॉन बीम थेरेपी और क्वाटरनरी कैंसर केयर सेंटर को मंजूरी, 31 नए फैकल्टी पद स्वीकृत
जनपत की खबर Feb 18, 2026 at 05:50 PM , 65लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान (KSSSCI) की 12वीं शासी निकाय की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संस्थान के समग्र विकास, अत्याधुनिक उपचार सुविधाओं के विस्तार और कैंसर रोगियों को विश्वस्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
प्रोटॉन बीम थेरेपी को हरी झंडी
बैठक में संस्थान में प्रोटॉन बीम थेरेपी स्थापित करने की अनुमति प्रदान की गई। यह कैंसर उपचार की अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी तकनीक है, जिसमें प्रोटॉन कणों से ट्यूमर को अत्यंत सटीकता के साथ लक्षित किया जाता है। यह विशेष रूप से बच्चों में होने वाले कैंसर, मस्तिष्क, सिर एवं गर्दन, स्पाइनल और प्रोस्टेट जैसे संवेदनशील अंगों के ट्यूमर के उपचार में प्रभावी मानी जाती है। इस तकनीक से स्वस्थ ऊतकों को न्यूनतम क्षति पहुंचती है और दुष्प्रभाव कम होते हैं।
क्वाटरनरी कैंसर केयर सेंटर की स्थापना
संस्थान में क्वाटरनरी कैंसर केयर सेंटर की स्थापना को भी मंजूरी दी गई। यह केंद्र जटिल एवं उन्नत कैंसर उपचार के लिए समर्पित होगा, जहां अत्याधुनिक तकनीक, उच्चस्तरीय विशेषज्ञता और बहुविषयक चिकित्सीय टीम एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेगी। इससे सटीक निदान, समग्र देखभाल और रोगियों की जीवन-गुणवत्ता में सुधार होगा।
टेली-रेडियोलॉजी व एडवांस्ड रिसर्च को बढ़ावा
रेडियोडायग्नोसिस विभाग में टेली-रेडियोलॉजी सेवाओं की स्वीकृति दी गई है, जिसके तहत एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे और डिजिटल मैमोग्राफी जैसी सुविधाएं सुदृढ़ की जाएंगी।
इसके अतिरिक्त एडवांस्ड कैंसर रिसर्च सेंटर, एडवांस्ड मॉलिक्यूलर लैब तथा सेंटर फॉर एडवांस मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च फॉर कैंसर द्वारा की जाने वाली विभिन्न जांचों की दरों को भी मंजूरी दी गई। इन सुविधाओं से कैंसर की प्रारंभिक और सटीक पहचान संभव होगी, जिससे पर्सनलाइज्ड व लक्षित उपचार को बढ़ावा मिलेगा।
पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री को स्वीकृति
पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री (PBCR) लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इससे लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में कैंसर के वास्तविक बोझ और कैंसर-जनित मृत्यु दर का वैज्ञानिक आकलन संभव हो सकेगा।
शिक्षा व मानव संसाधन में विस्तार
शैक्षणिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने के लिए ऑन्को-पैथोलॉजी में PDCC कोर्स तथा गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में M.Ch. पाठ्यक्रमों को स्वीकृति दी गई।
इसके साथ ही सर्जिकल, गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, एनेस्थिसियोलॉजी, पैथोलॉजी, कैंसर जेनेटिक्स और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागों में 31 अतिरिक्त फैकल्टी पद तथा 78 सीनियर एवं जूनियर रेजिडेंट पदों की मंजूरी दी गई। संस्थान में Ph.D. नियमावली को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. सारिका मोहन, संस्थान के निदेशक डॉ. एम.एल.बी. भट्ट, एक्जीक्यूटिव रजिस्ट्रार डॉ. आयुष लोहिया, सीएमएस डॉ. विजेंद्र कुमार, एमएस डॉ. वरुण विजय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इन निर्णयों से KSSSCI को अत्याधुनिक कैंसर उपचार, शोध और शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है।































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