यूपी में ईको टूरिज्म को बढ़ावा: 10 प्रमुख स्थलों के संचालन हेतु प्रस्ताव आमंत्रित, 15 साल के लिए होगा प्रबंधन
जनपत की खबर Feb 18, 2026 at 04:30 PM , 98लखनऊ, 18 फरवरी 2026।
उत्तर प्रदेश में हरित पर्यटन को नई गति देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (UPETDB) ने राज्य के 10 प्रमुख ईको टूरिज्म स्थलों के संचालन एवं रखरखाव के लिए इच्छुक संस्थाओं, कंपनियों और अनुभवी एजेंसियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। इस पहल से प्राकृतिक स्थलों के पेशेवर प्रबंधन, दीर्घकालिक निवेश और पर्यावरण संरक्षण को संस्थागत मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि चयनित एजेंसियों को ईको-टूरिज्म परियोजनाओं का संचालन प्रारंभिक रूप से 15 वर्षों के लिए सौंपा जाएगा। संतोषजनक प्रदर्शन की स्थिति में यह अवधि आगे बढ़ाई भी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जिम्मेदार और पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन विकास की दिशा में एक ठोस कदम है, जिससे स्थानीय समुदायों को रोजगार मिलेगा और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित संरक्षण सुनिश्चित होगा।
इन 10 प्रमुख स्थलों के लिए आमंत्रित किए गए प्रस्ताव
1. अयोध्या – उधेला झील
2. ललितपुर – करकरावल जलप्रपात (बदरौन)
3. बाराबंकी – बघर झील
4. बलिया – मैरीटार गांव
5. सीतापुर – अज्जेपुर झील
6. महाराजगंज – देवदह स्थल
7. कुशीनगर – रामपुर सोहरौना झील
8. चित्रकूट – रामनगर
9. जालौन – पचनदा
10. बांदा – कालिंजर किला (नरैनी) पर्यटन सुविधा केंद्र
पीपीपी मॉडल पर होगा विकास
सभी परियोजनाएं पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित की जाएंगी, जिससे निजी निवेश के साथ आधुनिक सुविधाओं का विकास सुनिश्चित किया जा सके।
आवेदन की अंतिम तिथि
इच्छुक आवेदकों को निर्धारित पात्रता एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार अपने प्रस्ताव 27 फरवरी 2026 तक प्रस्तुत करने होंगे। विस्तृत जानकारी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राकृतिक संपदा, जैव-विविधता और सांस्कृतिक धरोहर से समृद्ध है। ईको टूरिज्म के क्षेत्र में अपार संभावनाओं को व्यवस्थित और पेशेवर प्रबंधन के माध्यम से वैश्विक स्तर तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है। यह पहल प्रदेश में दीर्घकालिक निवेश, आधुनिक सुविधाओं के विकास और पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन मॉडल को मजबूत आधार प्रदान करेगी।































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