आरएसएस के 100 वर्षों की यात्रा पर बनी फिल्म ‘शतक’ का ट्रेलर मुंबई में लॉन्च
जनपत की खबर Jan 17, 2026 at 02:55 PM , 104मुंबई।
भारत के सबसे चर्चित और बहस के केंद्र में रहने वाले संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर आधारित बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ का ट्रेलर शुक्रवार को मुंबई में भव्य समारोह के बीच लॉन्च किया गया। ट्रेलर का विमोचन संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल के सदस्य डॉ. मनमोहन जी वैद्य ने कई विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में किया। यह आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
ट्रेलर लॉन्च से पूर्व फिल्म के निर्माताओं ने चुनिंदा मीडिया प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष प्रीव्यू का आयोजन किया, जिसमें डॉ. मनमोहन जी वैद्य भी मौजूद रहे। इस दौरान पत्रकारों को फिल्म की अवधारणा, संदर्भ और उद्देश्य को करीब से समझने का अवसर मिला।
वर्ष 2025 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने 100 वर्ष पूर्ण किए, जो भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिदृश्य को गहराई से प्रभावित करने वाली यात्रा रही है। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में खड़ी फिल्म शतक केवल धारणाओं और सतही चर्चाओं से आगे बढ़ते हुए संघ के इतिहास, विचारधारा और संगठनात्मक विकास की एक संतुलित एवं गहन समझ प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।
फिल्म का ट्रेलर संघ से जुड़े वर्षों पुराने मिथकों और भ्रांतियों को चुनौती देने का संकेत देता है। इसमें उन ऐतिहासिक पहलुओं को सामने लाने की कोशिश की गई है, जिन पर अब तक शायद ही कभी सिनेमा के परदे पर गंभीरता से चर्चा हुई हो। अलग-अलग दौर में संघ पर लगे प्रतिबंध, स्वतंत्रता संग्राम के समय की भूमिका और आपातकाल जैसे संवेदनशील लेकिन अहम विषयों को संदर्भ सहित प्रस्तुत करने का वादा ट्रेलर में स्पष्ट रूप से झलकता है।
डॉ. मनमोहन जी वैद्य की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। उनके हाथों ट्रेलर लॉन्च होना इस बात का संकेत है कि फिल्म अपने उद्देश्य को लेकर गंभीर है और तथ्यों व ऐतिहासिक सच्चाई के प्रति प्रतिबद्ध रहने का प्रयास करती है।
फिल्म का निर्माण वीर कपूर ने किया है, सह-निर्माता आशीष तिवारी हैं और इसे आदा 360 डिग्री एलएलपी द्वारा प्रस्तुत किया गया है। शतक संघ के उन अनकहे पहलुओं को सामने लाने का प्रयास करती है, जिन्होंने संगठन की पहचान और यात्रा को आकार दिया। ट्रेलर इतिहास और स्मृतियों से जुड़ी कहानी की झलक देता है और दर्शकों को प्रचलित धारणाओं से आगे जाकर सोचने के लिए आमंत्रित करता है।
फिल्म की पहल और उसके उद्देश्य पर बात करते हुए डॉ. मनमोहन जी वैद्य ने कहा,
“यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि फिल्म शतक के माध्यम से संघ से जुड़ी जानकारी समाज तक इतने प्रभावशाली माध्यम में पहुँचेगी। एक सामाजिक चिंतक ने कहा था कि 1875 से 1950 के बीच भारत में शुरू हुए सभी आंदोलनों में केवल संघ ही ऐसा रहा, जो बिना टूटे निरंतर आगे बढ़ता रहा। यही उसकी निरंतरता, विस्तार और प्रासंगिकता की सबसे बड़ी शक्ति है। फिल्म की टैगलाइन ‘ना रुके, ना थके, ना झुके’ इसी भावना को दर्शाती है। इस पूरी यात्रा की मजबूत नींव संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार की दूरदृष्टि रही है। सिनेमा दिल और दिमाग दोनों को छूने की क्षमता रखता है और इस माध्यम से संघ की कहानी कहने का प्रयास सराहनीय है।”
फिल्म के निर्देशक आशीष मॉल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा,
“यह फिल्म मेरे लिए बेहद व्यक्तिगत है। मेरा मानना है कि कुछ कहानियाँ आपको चुनती हैं और शतक ने मुझे चुना। महीनों के शोध और मार्गदर्शन के दौरान, राजनीतिक समझ रखने के बावजूद, मुझे संघ से जुड़े कई नए पहलू जानने को मिले। समाज में फैली अनेक गलतफहमियों और अफवाहों को ईमानदारी से सामने लाना जरूरी था। यह फिल्म एक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जिसका मूल्यांकन हम दर्शकों पर छोड़ते हैं।”
निर्माता वीर कपूर ने कहा,
“रचनाकार और विचारक हर दौर में समाज का मार्गदर्शन करते रहे हैं। हमारे लेखकों ने पुस्तकों और उपलब्ध साहित्य के आधार पर इस फिल्म की कहानी गढ़ी है। इन विचारों को मोतियों की तरह एक धागे में पिरोकर सिनेमाई रूप देने का प्रयास किया गया है। यह फिल्म उसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है।”
शानदार दृश्य संयोजन, प्रभावशाली संगीत और सशक्त कथा के साथ शतक भारतीय सिनेमा में एक ऐसे विषय को सामने ला रही है, जिस पर अब तक बहुत कम फिल्मों ने कदम रखा है।
अनिल डी अग्रवाल की परिकल्पना पर आधारित और आशीष मॉल द्वारा निर्देशित यह फिल्म 19 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ट्रेलर उस विचार की ओर संकेत करता है, जो सौ वर्षों से निरंतर चलता आ रहा है और आज भी समकालीन भारत को प्रभावित कर रहा है।































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