टीबी मुक्त यूपी की ओर बड़ा कदम: फरवरी से योगी सरकार का 100 दिवसीय सघन रोगी खोज अभियान

जनपत की खबर , 137

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में योगी सरकार एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाने जा रही है। फरवरी से प्रदेशभर में 100 दिवसीय विशेष सघन क्षय रोग (टीबी) रोगी खोज अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान में जनभागीदारी को मजबूत करने के लिए सांसदों से लेकर नगर पार्षदों तक को सक्रिय रूप से शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान के तहत बुजुर्गों, गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों, मलिन बस्तियों और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से टीबी स्क्रीनिंग कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि संभावित टीबी मरीजों की समय रहते पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ा जाए, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सके।
राज्य सरकार ने टीबी को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। यह जागरूकता अभियान प्राइमरी स्कूलों से लेकर कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर तक संचालित किया जाएगा, ताकि युवाओं और छात्रों को टीबी के लक्षण, बचाव और इलाज की जानकारी दी जा सके।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उससे नीचे की स्वास्थ्य इकाइयों से सामान्य ओपीडी में आने वाले कम से कम पांच प्रतिशत मरीजों को टीबी जांच के लिए रेफर किया जाए। वहीं जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में यह लक्ष्य 10 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से टीबी जांच के लिए सैंपल ट्रांसपोर्टरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जांच की प्रक्रिया तेज हो सके। इसके साथ ही बुजुर्गों और गंभीर रोगियों की यथासंभव घर के पास या मौके पर जांच कराने पर भी जोर दिया गया है।
योगी सरकार ने स्थानीय गैर सरकारी संगठनों, कॉरपोरेट संस्थानों, विभिन्न विभागों और सामाजिक संगठनों को ‘निक्षय मित्र’ के रूप में आगे आने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि टीबी मरीजों को पोषण, जांच और उपचार में अतिरिक्त सहयोग मिल सके।
सरकार का मानना है कि जनभागीदारी, समयबद्ध जांच और व्यापक जागरूकता के माध्यम से प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकता है।

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