2014 के बाद देश में विकसित हुई नई खेल संस्कृति — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

जनपत की खबर , 111

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में एक नई खेल संस्कृति का उदय हुआ है। इससे पहले खेल और खेल प्रतियोगिताएं सरकार के एजेंडे का प्रमुख हिस्सा नहीं होती थीं और इन्हें प्राथमिकता के क्षेत्र के रूप में नहीं देखा जाता था। अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव में प्रतिभाशाली खिलाड़ी या तो दूसरे स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर होते थे या हताश होकर अपने सपनों को त्याग देते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में खेलों को प्रोत्साहन देने की दिशा में व्यापक और ठोस प्रयास किए गए हैं। खेलो इंडिया जैसी योजनाओं, बेहतर सुविधाओं और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन से आज देश में खेल के प्रति सकारात्मक माहौल बना है और युवा आगे बढ़कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। हर ग्राम पंचायत और नगर निकाय में खेल मैदान तथा ओपन जिम विकसित किए जा रहे हैं। ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जिला स्तर पर आधुनिक स्टेडियमों का निर्माण युद्धस्तर पर किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान आयोजन के अंतर्गत देश के पूर्वी जोन के 14 राज्यों की 31 टीमें भाग ले रही हैं। इनमें बिहार, छत्तीसगढ़, मणिपुर, त्रिपुरा, नागालैंड, मिजोरम, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश के साथ उत्तर प्रदेश की टीम भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि यह पांच दिवसीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता पूर्वी उत्तर प्रदेश के नागरिकों और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। यह आयोजन देश की बेटियों के उत्साह, उमंग और क्षमता को प्रदर्शित करेगा तथा यह संदेश देगा कि महिलाएं जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

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