मायावती का बड़ा ऐलान: BSP अकेले लड़ेगी 2027 का चुनाव, गेस्ट हाउस कांड और PDA पर सपा को घेरा

जनपत की खबर , 108

लखनऊ। अपने जन्मदिन के अवसर पर बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कई अहम राजनीतिक बयान दिए। उन्होंने गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उनके ऊपर हमला हुआ था, जिसमें समाजवादी पार्टी से जुड़े हजारों गुंडे शामिल थे और सरकारी मशीनरी का खुला दुरुपयोग किया गया।
मायावती ने स्पष्ट किया कि बहुजन समाज पार्टी वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव किसी भी दल से गठबंधन किए बिना अकेले लड़ेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि सत्ता में वापसी के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी और उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार जरूर बनेगी।
बसपा प्रमुख ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा की सरकार में गुंडों का बोलबाला रहा और दलितों पर अत्याचार हुए। उन्होंने अखिलेश यादव के PDA अभियान को छलावा बताते हुए कहा कि सपा की मानसिकता दलित विरोधी रही है।
ब्राह्मण समाज को लेकर बोलते हुए मायावती ने कहा कि भाजपा, सपा और कांग्रेस—तीनों ही दलों में ब्राह्मणों की उपेक्षा हो रही है, जबकि बसपा ने हमेशा ब्राह्मण समाज को सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज किसी के बहकावे या ‘बाटी-चोखा’ की राजनीति में आने वाला नहीं है और बसपा सरकार में उनका पूरा ख्याल रखा जाएगा।
मायावती ने कहा कि बसपा सरकार ने महापुरुषों—महात्मा ज्योतिबा फुले, नारायण गुरु और छत्रपति साहूजी महाराज—का सम्मान करते हुए उनकी प्रतिमाएं स्थापित कीं और उनके विचारों को आगे बढ़ाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकारें बसपा की योजनाओं के नाम बदलकर चला रही हैं, लेकिन उनका लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से उनका जन्मदिन ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, जो बसपा की जनहितकारी सोच को दर्शाता है। उन्होंने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को नववर्ष की शुभकामनाएं भी दीं।
मायावती ने यह भी आरोप लगाया कि देश में बसपा के मूवमेंट को रोकने के लिए जातिवादी पार्टियां साम, दाम, दंड और भेद की नीति अपना रही हैं। उन्होंने ईवीएम को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि बसपा को कमजोर करने की साजिशें की जा रही हैं।
अंत में मायावती ने कहा कि बसपा सर्व समाज के लिए काम करती रही है। पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों और ब्राह्मण समाज—सभी का समान रूप से ख्याल रखा जाएगा। बसपा सरकार में मंदिर, मस्जिद और चर्च सभी सुरक्षित रहेंगे और प्रदेश में कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक सौहार्द कायम किया जाएगा।

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