“दिव्यांग बच्चों की उड़ान: लखनऊ में रैली से लेकर पुरस्कार तक, भव्य आयोजन में दिखा उत्साह”
जनपत की खबर Dec 03, 2025 at 05:45 PM , 133लखनऊ। समग्र शिक्षा अभियान (समावेशी शिक्षा) के अंतर्गत दिनांक 03 दिसम्बर 2025 को बेसिक विद्यालय भरोसा, काकोरी में अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग जन सशक्तिकरण दिवस के अवसर पर जनपद स्तरीय खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। लखनऊ जनपद के सभी विकासखंडों से आए कुल 120 दिव्यांग बच्चों ने विभिन्न खेल व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम की शुरुआत जिलाबेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार के नेतृत्व में रैली निकालकर हुई, जिसमें सभी विकास क्षेत्रों से आए दिव्यांग बच्चे, अभिभावक, शिक्षक, विशेष शिक्षक तथा व्यायाम शिक्षक शामिल हुए। “दिव्यांग हमारे अपने हैं, इनके भी कुछ सपने हैं” एवं “अक्षम–सक्षम एक समान, सबको शिक्षा सबको ज्ञान” जैसे नारों के साथ रैली ने जागरूकता का संदेश दिया।
इसके पश्चात बीएसए विपिन कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय राजेश सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी एवं गोसाईगंज रामराज, जिला समन्वयक (समेकित शिक्षा) तथा प्रधानाध्यापक वीरेंद्र सिंह द्वारा माँ सरस्वती का माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, लोकनृत्य सहित मनोहारी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं।
खेलकूद प्रतियोगिताओं में छूकर पहचानो, मेहंदी, सुलेख, कुर्सी दौड़, रंगोली, 100 मीटर व 50 मीटर दौड़, मेढक दौड़ तथा चम्मच दौड़ जैसी प्रतिस्पर्धाओं में बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया। विभिन्न वर्गों में अनेक दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
भोजन अवकाश के बाद बच्चों ने गायन, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पुरस्कार वितरण से पूर्व अधिकारियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी प्रतिभा को निखारने एवं उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों पर जोर दिया।
प्रधानाध्यापक वीरेंद्र सिंह और जिला समन्वयक संदीप तिवारी ने समावेशी शिक्षा, दिव्यांग बच्चों की क्षमताओं और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में जनपद के सभी व्यायाम शिक्षक, खेल शिक्षक एवं विशेष शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में सभी दिव्यांग बच्चे और उनके अभिभावक उत्साहित और प्रसन्न दिखाई दिए।




































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