*सीएम योगी ने बेमौसम बारिश से परेशान किसानों का जाना हाल*
जनपत की खबर Apr 01, 2026 at 01:27 PM , 26*मुख्यमंत्री ने अफसरों को दिया निर्देशः किसानों से संवाद बनाएं, फसलों के नुकसान का आकलन कराएं और उन्हें मुआवजा दिलाएं*
*बारिश से प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारी किसानों के बीच पहुंचकर जानें परेशानी, प्रमुख सचिव (कृषि) व राहत आयुक्त बनाएं समन्वयः मुख्यमंत्री*
*आपदा में संबल बनी है सरकार, किसानों को न हो असुविधा, समयबद्ध ढंग से दिलाएं मुआवजाः सीएम योगी*
*लखनऊ, 1 अप्रैलः* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई जनपदों में बुधवार को हुई बारिश से परेशान किसानों का हाल जाना। उन्होंने असमय बारिश के कारण किसानों को होने वाली परेशानी के बारे में जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम की मार झेलने वाले किसानों को परेशानी न हो, किसान हित सरकार की प्राथमिकता है। किसानों की बर्बाद हुई फसल के नुकसान का आकलन कर संपूर्ण जानकारी एकत्र करें और उन्हें जल्द से जल्द राहत दिलाएं। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि राजस्व, कृषि विभाग व बीमा कंपनी फसल नुकसान का तत्काल संयुक्त सर्वे कराकर शासन को अवगत कराएं, जिससे किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर आपदा-विपदा में प्रदेशवासियों के साथ निरंतर खड़ी है। विगत दिनों हुई बारिश से भी किसानों की फसल प्रभावित हुई थी, इससे नुकसान होने वाली फसल का मुआवजा दिलाया जा रहा है। बुधवार को होने वाली बारिश के कारण भी फसल को जो नुकसान हुआ है, उसका भी जल्द से जल्द आकलन करा लिया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के हित में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और सुनिश्चित करें कि किसानों को कोई परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि फील्ड में रहकर वस्तुस्थिति का जायजा लें और प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराएं, जिससे किसानों को समय पर उचित सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव (कृषि) व राहत आयुक्त से कहा कि फील्ड में कार्यरत अधिकारियों से सीधा संपर्क करें और समन्वय बनाएं। सभी सूचनाएं समय पर एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, जिससे राहत कार्य भी समय से हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फसलों को हुई क्षति का आकलन प्राप्त होते ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। भुगतान व्यवस्था समयबद्ध ढंग से हो, ताकि मौसम की मार से प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।































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