यूपी में स्कूली वाहनों के खिलाफ पन्द्रह दिनों तक चलेगा सख्त अभियान
अन्य खबरे Mar 31, 2026 at 10:43 PM , 32स्कूली वाहन बिना फिटनेस और परमिट उल्लंघन सड़क पर चलते दिखाई पड़े तो होगी सख्त कार्रवाई
अभिभावकों को बच्चों की स्कूल बस की पूरी जानकारी देखने का मिला अधिकार: परिवहन आयुक्त किंजल सिंह
1अप्रैल से 15 अप्रैल तक चलेगा स्कूली वाहनों का जांच अभियान, वाहनों के फिटनेस के साथ बच्चों की बसों की पूरी जानकारी आंनलाइन देख सकेंगे अभिभावक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार ने सख्त कदम उठाया है। 1 अप्रैल 2026 से पूरे उत्तर प्रदेश में स्कूली वाहनों के लिए दोहरी व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत एक ओर 15 दिनों तक विशेष फिटनेस अभियान चलाया जाएगा, वहीं दूसरी ओर पहली बार डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल (UP Integrated School Vehicle Management Portal) (UP-ISVMP) भी लॉन्च किया जा रहा है।
सरकार के इस फैसले के बाद अब बिना फिटनेस, बिना परमिट या नियमों का उल्लंघन कर चल रहे स्कूल बसों और वैन पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना और परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर परिवहन विभाग 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक पूरे उत्तर प्रदेश में विशेष अभियान चलाएगा। इस दौरान हर स्कूल बस और वैन की गहनता से जांच की जाएगी।
अभियान 2026 स्कूली बसों के जांच के दौरान मुख्य बिंदु है:
- वाहन का वैध पंजीकरण और परमिट
- बीमा और PUC सर्टिफिकेट
ब्रेक, टायर, लाइट, बॉडी सहित पूरी भौतिक स्थिति
- सुरक्षा मानकों का पालन
यदि किसी वाहन में फिटनेस से जुड़ी कमी पाई जाती है, तो उसकी फिटनेस तत्काल निरस्त कर दी जाएगी। सुधार के बाद ही उसे दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी।
परिवहन विभाग ने नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों को बख्शा नहीं जाएगा। बिना परमिट, ओवरलोडिंग या खराब स्थिति में वाहन चलाने वालों पर मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicles Act 1988) के तहत जुर्माना और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अभियान की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए रोजाना की कार्रवाई रिपोर्ट QR कोड आधारित सिस्टम पर अपडेट की जाएगी, जिससे उच्च अधिकारियों द्वारा निगरानी आसान होगी। और यूपी-आईएसवीएमपी (UP-ISVMP) पोर्टल से डिजिटल मॉनिटरिंग की जायेगी।
यूपी में पहली बार UP-ISVMP पोर्टल लॉन्च किया जा रहा है जो 1 अप्रैल से लाइव होगा। यह पोर्टल स्कूली वाहनों की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा। इस पोर्टल पर सभी स्कूली वाहनों का डेटा दर्ज किया जाएगा। और सभी दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच अपडेट होगी। नियमों के पालन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने में मदद मिलेगी और किसी भी गड़बड़ी को जल्दी पकड़ा जा सकेगा। इस पोर्टल की सबसे खास सुविधा "नो योर बस" (Know Your Bus) है। इसके जरिए अब अभिभावक अपने बच्चे की स्कूल बस की पूरी जानकारी घर बैठे देख सकेंगे।
इस पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार:
वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर
फिटनेस स्टेटस
PUC और बीमा विवरण
ड्राइवर की जानकारी
परमिट की स्थिति
इससे अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भरोसा मिलेगा और वे खुद भी निगरानी कर सकेंगे। नई व्यवस्था में स्कूल प्रबंधन समितियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्हें पोर्टल पर सभी वाहनों का पूरा विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही
शपथ पत्र अपलोड करना और सभी सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ समय-समय पर दस्तावेज अपडेट करना होगा। जिला और स्कूल स्तर की परिवहन सुरक्षा समितियों की मॉनिटरिंग भी इसी पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
उत्तर प्रदेश की परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह अभियान केवल 15 दिनों तक ही सीमित नहीं रहेगा। इस अभियान को बाद में भी लगातार जांच और कार्रवाई जारी रहेगा।
सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब बिना फिटनेस या नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहन सड़कों पर नहीं चल पाएंगे और अभिभावकों को बच्चों की और स्कूल बस की पूरी जानकारी देखने का अधिकार मिला है। जिसकी घर बैठे ही अभिभावक पोर्टल के माध्यम से पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते है।



























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