लखनऊ मेयर को हाईकोर्ट का बड़ा झटका: पार्षद ललित तिवारी प्रकरण में वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज
अन्य खबरे May 21, 2026 at 07:05 PM , 23HC और सुप्रीम कोर्ट दोनों जगह मेयर पक्ष को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने जारी किए सख्त निर्देश; नगर निगम की राजनीति में मचा हड़कंप
लखनऊ। राजधानी की नगर निगम राजनीति से जुड़ा बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पार्षद ललित तिवारी प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाते हुए लखनऊ मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज करने के आदेश जारी किए हैं। कोर्ट के इस फैसले के बाद नगर निगम और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, मामले को लेकर मेयर पक्ष को पहले हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट में भी राहत नहीं मिल सकी। दोनों स्तरों पर कानूनी लड़ाई में झटका मिलने के बाद अब हाईकोर्ट ने और कड़े निर्देश जारी किए हैं।
क्या है मामला
पार्षद ललित तिवारी से जुड़े विवाद को लेकर लंबे समय से कानूनी और प्रशासनिक खींचतान चल रही थी। मामले में नगर निगम की कार्यप्रणाली, अधिकारों के प्रयोग और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसी प्रकरण में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया।
कोर्ट के आदेश से बढ़ी सियासी हलचल
हाईकोर्ट द्वारा मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगाए जाने को बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले का असर नगर निगम की कार्यप्रणाली के साथ-साथ स्थानीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। विपक्षी दलों ने इसे प्रशासनिक जवाबदेही का मामला बताते हुए सरकार और नगर निगम प्रशासन पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
नगर निगम के कामकाज पर पड़ सकता है असर
वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज होने के बाद नगर निगम में कई महत्वपूर्ण निर्णय और विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। अब आगे की कार्यवाही और वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर निगाहें शासन और न्यायालय के अगले कदम पर टिकी हैं।
आगे क्या
मामले में अब नगर निगम प्रशासन और मेयर पक्ष की अगली कानूनी रणनीति पर सभी की नजरें हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला और राजनीतिक रूप से गरमा सकता है।



























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