आरटीओ में भ्रष्टाचार का बोलबाला 2 हजार रुपये न देने पर बाबू ने दी पत्रकार की फाइल कूड़े में फेंकने की धमकी

लखीमपुर खीरी , 12

पीड़ित पत्रकार कमल मिश्रा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, बोले- भ्रष्ट बाबू अंजल वर्मा पर हो सख्त कार्रवाई, नहीं तो आम जनता का क्या होगा

 (सुनहरा)

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा करने वाली सरकार के नाक के नीचे लखीमपुर खीरी के परिवहन कार्यालय में खुलेआम रिश्वत का खेल चल रहा है ताजा मामला इतना गंभीर है कि नियम और कागज पूरे होने के बाद भी एक पत्रकार का काम सिर्फ इसलिए रोक दिया गया क्योंकि उसने 2 हजार रुपये का सुविधा शुल्क देने से मना कर दिया बाबू अंजल वर्मा ने साफ धमकी दी कि पैसे नहीं दिए तो फाइल कूड़ेदान में डाल दूंगा  
गौरतलब है कि मोहल्ला शिवपुरी गढ़ी रोड लक्ष्मी देवी कॉलोनी लखीमपुर खीरी निवासी कमल मिश्रा से जुड़ा है कमल मिश्रा पेशे से पत्रकार हैं उन्होंने कुछ समय पहले एक बीट कार खरीदी थी जिसका पंजीकरण नंबर UP31AB6709 है गाड़ी अपने नाम कराने के लिए वह 18 फरवरी 2026 को सभी जरूरी कागज लेकर परिवहन कार्यालय लखीमपुर खीरी पहुंचे  
कार्यालय में गाड़ी की जांच और फॉर्म की पड़ताल के बाद वह आशीष बाबू से मिले उस दिन आशीष बाबू ही अंजल वर्मा के स्थान पर काम देख रहे थे कमल मिश्रा ने सरकारी फीस जमा की और फाइल कार्यालय में जमा कर दी नियमानुसार अब गाड़ी का नामांतरण हो जाना चाहिए था  लेकिन ऐसा नहीं हुआ  जब फाइल संबंधित बाबू अंजल वर्मा के पास पहुंची तो खेल शुरू हो गया अंजल वर्मा ने कमल मिश्रा से सीधे 2 हजार रुपये सुविधा शुल्क की मांग कर दी जब कमल मिश्रा ने रिश्वत देने से इनकार किया तो बाबू भड़क गया उसने धमकी भरे शब्दों में कहा कि फाइल कूड़ेदान में डाल दूंगा और तुम्हारा काम कभी नहीं होगा  
इस दौरान आशीष श्रीवास्तव ने खुद अंजल वर्मा को बताया कि कमल मिश्रा इस काम के लिए पहले भी दो बार कार्यालय आ चुके हैं और वह पेशे से पत्रकार हैं इसके बाद भी भ्रष्टाचार में डूबे बाबू अंजल वर्मा पर कोई असर नहीं हुआ उसने ट्रांसफर करने से साफ मना कर दिया  
18 फरवरी 2026 से लेकर अब तक कमल मिश्रा लगातार कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं लेकिन बिना रिश्वत के उनकी फाइल आगे नहीं बढ़ रही है थक हारकर और बाबू की धमकी से परेशान होकर कमल मिश्रा ने 13 मई 2026 को 
मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कमल मिश्रा ने मांग की है कि भ्रष्टाचार में लिप्त बाबू अंजल वर्मा के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए साथ ही उनकी गाड़ी UP31AB6709 का नामांतरण तुरंत कराने के लिए परिवहन विभाग को आदेश दिए जाएं  
कमल मिश्रा का कहना है कि जब एक पत्रकार के साथ कार्यालय में ऐसा बर्ताव हो रहा है तो आम जनता का क्या हाल होता होगा अगर रिश्वत नहीं दोगे तो बाबू फाइल कूड़े में फेंकने की धमकी देते हैं यह सीधे सीधे सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति को चुनौती है।

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