रेस्टोरेंट, होटल तथा फास्ट फूड की भट्टियां धड़क रही,नहीं मिल रही कमर्शियल गैस,
लखीमपुर खीरी May 13, 2026 at 06:15 PM , 11विश्वकांत त्रिपाठी वरिष्ठ पत्रकार
लखीमपुर खीरी।
जिले के गैस उपभोक्ता परेशान, एजेंसियों पर लम्बी लाइनें, उपभोक्ता भी बढ़े नहीं, रसोई गैस सप्लाई में भी कटौती नहीं, नेपाल बॉर्डर के पर तस्करी भी नहीं हो रही आखिर फिर रसोई गैस उपभोक्ता क्यों परेशान,क्यों लग रही है लंबी लाइने, कौन देंगा जबाब डीएसओ अथवा डीलर?
खड़ी देशों पर बढ़ता अमेरिकी दबाव, युद्धों जैसी स्थितियां, भारत समेत समूचे विश्व में खनिज तेल तथा रसोई गैस की किल्लत किसी से छिपी नहीं है !, जिससे विश्वसहित हमारे देश में भी गैस तथा डीजल पेट्रोल की समस्या उत्पन्न हुई है।
रसोई गैस की किल्लत के चलते गैस एजेंसियों पर खासी भीड़ देखी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी तथा डीलर किसी भी तरह की कटौती न होने उपभोक्ता न बढ़ाने तथा गैस सिलेंडर तस्करी से भी इंकार कर रहे हैं, सभी जिम्मेदारों का कहना है कि गैस पर्याप्त है।
आप प्रश्न या उठना है कि जब गैस पर्याप्त है तो फिर गैस एजेंसियों पर लंबी-लंबी क्यों, क्यों क्यों नहीं दी जा रही होम डिलीवरी, दूसरी तरफ गैस तथा पेट्रोलियम पदार्थ क्राइसस के बाद कमर्शियल सिलेंडर पर या तो लगभग बैन लगा दिया गया है या फिर सप्लाई नहीं दी जा रही है, जब सप्लाई नहीं दी जा रही है तो फिर बड़े-बड़े रेस्टोरेंट होटल तथा रेडी ठेले वालों का काम कैसे चल रहा है, और कैसे धड़क रही है इनकी भट्टियां वहीं दूसरी तरफ गैस की लत के बाद आम उपभोक्ताओं पर डेवढा भार बढ़ गया है,₹5 में मिलने वाली चाय अब 15 में बिक रही है, पहले ₹20 में 6 मोम मिलते थे अब कर ही मिल रहे हैं,₹80 की दाल फ्राई अब 120 में मिल रही है, दूसरी तरफ रोटी का मूल्य भैया छोटी जगह पर₹20 से कम नहीं है।
या तो एक बानगी है प्रत्येक होटल रेस्टोरेंट फास्ट फूड विक्रेता की दुकान पर घरेलू सब्सिडी वाला सिलेंडर ही उसे किया जा रहा है आखिर पूर्ति तथा जिम्मेदार विभाग कथित तौर पर हो रही इस काला बाजारी को रोकने का प्रयास क्यों नहीं कर रहे या भी एक बहुत बड़ा प्रश्न है।
वहीं दूसरी तरफ 948 में मिलने वाला गैस कालाबाजारी में 1800 से 2000 के बीच धड़ल्ले से होटलों पर बिक रहा है इसमें या तो उपभोक्ता दोषी है या सप्लाई विभाग पुलिस की आंख पर तो चमकता चांदी का चश्मा चढ़ा है क्योंकि उनको तथा उनकी चिट्ठी पर गैस मिल ही रही है, लाइन में लगा कोई खास नहीं आम आदमी ही तो है।































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