लखीमपुर में 'सफर' नहीं 'खतरा': उल्ल नदी पुल के पास सुरक्षा नदारद

लखीमपुर खीरी , 23

मौत को दावत दे रही पीडब्ल्यूडी की लापरवाही,कोहरे में बनेगा दुर्घटना जोन 

लखीमपुर खीरी। जनपद के मोहल्ला घोसियाना से महेवागंज को जोड़ने वाली सड़क इन दिनों राहगीरों के लिए 'डेथ ट्रैप' बनी हुई है। इमली चौराहे से महेवागंज की ओर जाने वाले इस मुख्य मार्ग पर उल्ल नदी के पुल के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

बिना सेफ्टी स्टैंड और संकेतक के गुजर रहे हजारों वाहन

हैरानी की बात यह है कि नदी के किनारे बनी इस सड़क पर न तो कोई सेफ्टी स्टैंड (क्रैश बैरियर) लगाया गया है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड या संकेतक मौजूद है। रोजाना इस मार्ग से हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन और राहगीर गुजरते हैं। रात के अंधेरे में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जहाँ एक छोटी सी चूक वाहन को सीधे गहरी नदी में ले जा सकती है।

जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) और संबंधित विभागीय अधिकारियों की यह घोर लापरवाही स्थानीय लोगों के गले नहीं उतर रही है। लोगों का कहना है कि क्या विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? सबसे गंभीर सवाल यह है कि यदि कोई वाहन अनियंत्रित होकर सीधे नदी में गिर जाता है, तो उस जान-माल के नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा?

डीएम से सुरक्षा की गुहार

सड़क किनारे सुरक्षा दीवार या रेलिंग न होने से आक्रोशित राहगीरों और स्थानीय निवासियों ने जिलाधिकारी (डीएम) और विभागीय उच्चाधिकारियों से तत्काल इस ओर ध्यान देने की मांग की है। लोगों ने मांग की है कि नदी के पास वाले इस खतरनाक मोड़ और सड़क किनारे जल्द से जल्द सेफ्टी स्टैंड और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं ताकि आम जनमानस का सफर सुरक्षित हो सके।

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