लखीमपुर-खीरी में रोजगार सेवकों ने भाजपा विधायको को सौंपा ज्ञापन! नियमित वेतन भुगतान, वेतन वृद्धि सहित चार सूत्रीय मांगें

लखीमपुर खीरी , 34

कस्ता, श्रीनगर,गोला, धौरहरा और पलिया विधायक रोमी साहनी ने समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से अपील का अस्वासन

 

लखीमपुर-खीरी। जिले में ग्राम रोजगार सेवक संगठन ने कस्ता, पलियाकलां, श्रीनगर, धौरहरा,गोला समेत अन्य विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायकों को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन रोजगार सेवकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर दिया गया।
रोजगार सेवकों ने ज्ञापन में बताया कि उन्हें मनरेगा योजना की प्रशासनिक मद से मात्र 7,788 रुपये मासिक मानदेय मिलता है, जो कि बेहद कम है। उन्होंने सरकार से शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की तरह मानदेय में वृद्धि की मांग किया। साथ ही, मानदेय का भुगतान समय पर न मिलने की शिकायत करते हुए इसे नियमित करने की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम रोजगार सेवकों को ईपीएफ, बोनस और हेल्थ इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं नहीं मिलती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 10 वर्षों से मासिक मानदेय से काटी जा रही ईपीएफ की धनराशि उनके यूएएन खाते में जमा नहीं की गई है, जिससे उन्हें ईपीएफ सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सा लाभ के लिए भी कोई हेल्थ कार्ड व्यवस्था नहीं है।
रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री से अक्टूबर 2021 में लखनऊ के डिफेंस एक्सपो मैदान में की गई घोषणा के अनुरूप मानव संसाधन नीति (एचआर पॉलिसी) निर्धारित करने की मांग की। इस नीति में न्यूनतम 24,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय का प्रावधान करने की बात कही गई।
उन्होंने मासिक मानदेय भुगतान के लिए एक अलग बजट का प्रावधान करने की भी मांग की, ताकि हर महीने मानदेय का भुगतान सुनिश्चित हो सके। रोजगार सेवकों का औसतन 12 से 14 महीने का मानदेय बकाया है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने तत्काल बकाया मानदेय के भुगतान की मांग की।
वर्तमान में सभी ग्राम रोजगार सेवक 'राज्य रोजगार गारंटी योजना समिति के कर्मचारी' के रूप में ईपीएफओ में दर्ज हैं। उन्होंने राज्य स्तर से ही नियमित मानदेय भुगतान की व्यवस्था करने की अपील किया।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद पलिया विधायक रोमी साहनी, श्रीनगर विधायिका मंजू त्यागी, धौरहरा विनोद शंकर अवस्थी,गोला विधायक अमन गिरि व कस्ता विधायक सौरभ सिंह सोनू ने रोजगार सेवकों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा और हर संभव प्रयास कर समाधान किया जाएगा। उन्होंने तत्काल मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले से अवगत कराया।
इसके अतिरिक्त, विधायको ने जिलाधिकारी से फोन पर बात की। उन्होंने रोजगार सेवकों के लंबित ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) के संबंध में जानकारी ली और इसके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
इस अवसर पर ग्राम रोजगार सेवक संगठन के पदाधिकारी समेत संगठन के अन्य कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में रोजगार सेवक उपस्थित थे।

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