तेंदुए के हमले से गांव में दहशत, महिला की मौत के बाद भड़का आक्रोश।

लखीमपुर खीरी , 36

वन विभाग पर लापरवाही के आरोप, पिंजरा लगाकर पकड़ने की कार्रवाई शुरू।

निघासन खीरी।
थाना क्षेत्र सिंगाही में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ताजा घटना ग्राम सहिंजना की है, जहां बीती रात तेंदुए ने घर के बाहर सो रही एक महिला को अपना शिकार बना लिया। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में भय के साथ-साथ वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार, सहिंजना गांव निवासी माता प्रसाद मौर्य की पत्नी सन्ध्या देवी (लगभग 30 वर्ष) शनिवार रात बिजली न होने के कारण घर के बाहर मच्छरदानी लगाकर सो रही थीं। रात करीब 10:40 बजे तेंदुआ उन्हें उठाकर लगभग 50 मीटर दूर खेत में ले गया और गर्दन पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया। शोर-शराबा होने पर तेंदुआ शव को छोड़कर पास के खेतों में भाग गया। मृतका का एक तीन वर्षीय पुत्र भी है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।घटना की सूचना मिलने के बावजूद बेलरायां रेंजर भूपेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ करीब दो घंटे की देरी से मौके पर पहुंचे, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा।ग्रामीणो और वन विभाग के बीच कुछ हुई कहासुनी से स्थिति बिगड़ गयी और ग्रामीणों ने रेंजर को दौड़ा लिया। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर मौजूद थाना सिंगाही पुलिस ने भीड़ को शांत कराते हुए रेंजर को पुलिस घेरे में कर गाड़ी तक पहुंचाया। बढ़ते आक्रोश को देखते हुए निघासन क्षेत्राधिकारी शिवम कुमार और प्रभारी तहसीलदार दिव्यांशु शाही सहित पांच थानों पलिया, मझगईं, निघासन, तिकुनिया और पढुआ की पुलिस भी मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभाला।सामान्य स्थिति के बाद भी परिजन मुआवजा और अन्य मांगों को लेकर अड़े रहे, जिसके बाद करीब तीन घंटे बाद पहुंचे एसडीएम निघासन राजीव निगम ने परिजनों से वार्ता की। परिजनों की पांच प्रमुख मांगों—तेंदुए को जल्द पकड़ने के लिए पिंजरा लगाना, 24 घंटे में मुआवजा राशि देना, आवास उपलब्ध कराना, मृतका के पति को वन विभाग में नौकरी देना तथा घटना के दौरान हुए विवाद में किसी ग्रामीण पर मुकदमा न दर्ज करने—पर सहमति बनी। अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसडीएम के फोन करने के बाद पुनः मौके पर पहुंचकर रेंजर भूपेंद्र सिंह ने पिंजरा लगवाया।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में तेंदुए के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 25 मार्च को फुटहा फार्म में एक सात वर्षीय बच्ची को तेंदुआ उठा ले गया था, जबकि 18 अप्रैल को उमरा पंचायत के नयापुरवा गांव में चार वर्षीय मासूम को अपना शिकार बना चुका है। इसके अलावा कई पालतू जानवर भी तेंदुए का शिकार बन चुके हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग लगातार लापरवाही बरत ही रहा है साथ ही साथ बिजली बिद्युत विभाग की घोर लापरवाही है अगर रात के समय बिजली कटौती न कि जाए तो रात को होने वाली ऐसी बहुत सी घटनाओं से बचा जा सकता है, क्योंकि जब रात बिजली कटौती होती तभी लोग घर के अंदर से बाहर लेटने पर मजबूर हो जाते। हालांकि, ताजा घटना के बाद वन विभाग ने गांव में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी है।फिलहाल गांव में दहशत का माहौल है और लोग रात में घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए तीन टीमें गठित कर दो पिंजरे और चार कैमरे लगाए गए हैं, ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ने का हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है।

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