यूरिया-एनपीके की कालाबाजारी, 300 की यूरिया 300 से ज्यादा में, रसीद मांगने पर किसानों से अभद्रता
लखीमपुर खीरी May 10, 2026 at 06:33 PM , 81(हरीशंकर मिश्र)
*लखीमपुर खीरी।* जिले में खाद की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। सुंदरवल और अंदेशनगर इलाके में दुकानदार किसानों से यूरिया और एनपीके के मनमाने दाम वसूल रहे हैं। सरकारी रेट के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
*क्या है मामला:*
किसानों का आरोप है कि सुंदरवल और अंदेशनगर चौराहे पर दुकानदार 266.50 रुपये वाली यूरिया की बोरी 300 रुपये से ज्यादा में बेच रहे हैं। वहीं 1470 रुपये एमआरपी वाली एनपीके खाद 2000 रुपये तक में खुलेआम बिक रही है।
*आधार कार्ड लेकर भी नहीं दे रहे रसीद:*
दुकानदार खाद देने से पहले किसानों से आधार कार्ड और खतौनी की कॉपी ले रहे हैं। इसके बावजूद न तो सरकारी रेट पर खाद दी जा रही है और न ही पक्की रसीद दी जा रही है। जब कोई किसान साहस करके रसीद मांगता है तो दुकानदार अभद्र भाषा का प्रयोग कर उसे भगा देते हैं।
*फसल बचाने को मजबूरी में खरीद:*
किसानों ने बताया कि धान की रोपाई और गन्ने की फसल के लिए खाद जरूरी है। फसल बचाने की मजबूरी में निजी दुकानों से ऊंचे दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है। एक किसान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगर खाद नहीं डालेंगे तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी।
*अफसरों के दावे हवा-हवाई:*
कृषि विभाग के अफसर प्रेस नोट जारी कर दावा करते हैं कि जिले में पर्याप्त खाद है और सरकारी रेट पर रसीद के साथ किसानों को खाद दी जा रही है। लेकिन सुंदरवल और अंदेशनगर में खुलेआम कालाबाजारी इन दावों की पोल खोल रही है।
*किसानों की मांग:*
1. जिला कृषि अधिकारी तत्काल सुंदरवल और अंदेशनगर में छापेमारी कर स्टॉक और रेट लिस्ट चेक करें।
2. बिना पीओएस मशीन और रसीद के खाद बेचने वाले दुकानदारों के लाइसेंस रद्द हों।
3. सरकारी समितियों पर समय से पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए ताकि प्राइवेट दुकानदार कालाबाजारी न कर सके।
4. कालाबाजारी करने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत FIR दर्ज हो।
*सरकारी रेट क्या है:*
- *यूरिया 45 किलो*: 266.50 रुपये
- *एनपीके 50 किलो*: 1470 रुपये से 1720 रुपये कंपनी के अनुसार
- *डीएपी 50 किलो*: 1350 रुपये
किसानों का कहना है कि सरकारी घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित हैं। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसान आंदोलन को मजबूर होंगे।































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