आयुष्मान कार्ड बेकार, शनसाइन हॉस्पिटल ने वसूले 2500, बुजुर्ग को 5 घंटे तड़पाया
लखीमपुर खीरी Apr 21, 2026 at 07:20 PM , 33लखीमपुर-खीरी। आयुष्मान भारत योजना के नाम पर गरीबों को राहत देने का सरकारी दावा गोला के नए बाईपास स्थित शनसाइन हॉस्पिटल में धज्जियां उड़ गया। रविवार को 70 साल का बुजुर्ग मरीज इलाज के लिए तड़पता रहा, लेकिन अस्पताल ने आयुष्मान कार्ड देखकर भी 2500 रुपये वसूल लिए। पैसे लेने के बाद भी न डॉक्टर मिला, न दवा, न इलाज।
सुबह-सुबह परिवार वाले बुजुर्ग को स्ट्रेचर पर लेकर पहुंचे थे। जेब में आयुष्मान कार्ड था और भरोसा था कि अब मुफ्त इलाज होगा। लेकिन काउंटर पर बैठे स्टाफ ने कार्ड देखते ही पल्ला झाड़ दिया। बोले, "2500 जमा करो, तभी पर्चा बनेगा।" मजबूर परिवार ने पैसे दे दिए।
5 घंटे चला है हाई वोल्टेज ड्रामा!
पैसे लेने के बाद शुरू हुआ असली खेल। बुजुर्ग मरीज स्ट्रेचर पर पड़ा कराहता रहा। घरवाले डॉक्टर से मिलने को गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन स्टाफ ने गेट तक नहीं खुलने दिया। 5 घंटे तक न कोई जांच हुई, न एक गोली दी गई। बीमारी क्या है, ये तक नहीं बताया।
"बाबूजी, कार्ड दिखाया तो बोले 2500 जमा करो। पैसे दिए, फिर भी 5 घंटे तक न डॉक्टर मिला, न बताया कि दादा को हुआ क्या है," कहते हुए तीमारदार फूट-फूट कर रो पड़ा।
थक हारकर परिवार वाले शाम को मरीज को वापस घर ले गए। बेटे का दर्द छलक पड़ा, "पूछो तो कहते हैं रुको, रुको। 5 घंटे में पानी की एक बूंद तक नहीं पूछी। इलाज क्या खाक करते।"
नियमों को दिखाया गया ठेंगा!
आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध अस्पताल में पर्चा, जांच, भर्ती, दवा, ऑपरेशन सब कैशलेस है। भर्ती से 3 दिन पहले से लेकर छुट्टी के 15 दिन बाद तक मरीज से एक रुपया नहीं लिया जा सकता। सरकार हर परिवार को सालाना 5 लाख तक का मुफ्त इलाज देती है। "कार्ड एक्टिव नहीं है" या "इमरजेंसी में पैसा लगेगा" कहना सीधा फ्रॉड है। ऐसे कई अस्पतालों को कोर्ट पैनल से बाहर कर चुका है और जुर्माना लगवा चुका है।
पावर का खुला प्रदर्शन!
चर्चा है कि हॉस्पिटल संचालक कौशल वर्मा ने कुछ दिन पहले ही भाजपा के जिला अध्यक्ष अरविंद गुप्ता को चांदी का मुकुट पहनाकर अपने रसूख और पावर का एहसास कराया था। शायद इसी रसूख के दम पर अस्पताल में खुलेआम आयुष्मान योजना की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और भ्रष्टाचार जारी है।
सवाल जो अस्पताल को नंगा करते हैं
1- जब आयुष्मान कार्ड है तो 2500 किस बात के वसूले गए?
2- पैसे लेने के बाद भी 5 घंटे तक बुजुर्ग को क्यों तड़पाया गया?
3- डॉक्टर से क्यों नहीं मिलने दिया गया? क्या छुपा रहे थे?
4- अगर कैशलेस इलाज के बाद भी जेब कटनी है तो ये योजना गरीब के लिए है या अस्पताल की कमाई के लिए?
5- भाजपा जिला अध्यक्ष अरविंद गुप्ता को चांदी का मुकुट पहनाने वाले संचालक पर कार्रवाई की हिम्मत कौन करेगा?
शनसाइन हॉस्पिटल की इस हरकत ने आयुष्मान योजना को मजाक बना दिया। पीड़ित परिवार अब सीएमओ और डीएम से शिकायत करेगा। इलाके में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि जब कार्ड के बाद भी लूटना है और सत्ता का संरक्षण मिला है तो गरीब मरीज जाए तो जाए कहां? अस्पतालों की इस मनमानी पर योगी सरकार का चाबुक कब चलेगा?































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