*गैस, डीजल-पेट्रोल के लिए लगी कतारें, गेहूं खरीद केंद्र सिर्फ कागजों पर*

लखीमपुर खीरी , 23

(मनोज मिश्र)

*धौरहरा, लखीमपुर खीरी।* ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष का असर तराई क्षेत्र धौरहरा में भी दिखने लगा है। हालात दिन-ब-दिन बद से बदतर होते जा रहे हैं। घरेलू व व्यवसायिक गैस के लिए पहले से ही लाइन में लगे लोगों के सामने अब डीजल-पेट्रोल की नई मुसीबत खड़ी हो गई है। पंपों पर आम आदमी से लेकर किसान तक कतार में खड़े दिख रहे हैं।  

स्थानीय लोगों के मुताबिक, खेती-किसानी से लेकर व्यवसायिक गतिविधियों के लिए डीजल-पेट्रोल मिलने में भारी दिक्कत आ रही है। तपती धूप में खेतों में खड़ी फसलों की सिंचाई डीजल पंपों से की जाती है, लेकिन तेल न मिलने से किसान परेशान हैं। शादी-विवाह के सीजन में भी लोग पंपों पर लाइन लगाने को मजबूर हैं। वहीं घरेलू व व्यवसायिक गैस के लिए ग्रामीणों को एजेंसियों पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।  

*गेहूं खरीद केंद्रों की हकीकत*  
उत्तर प्रदेश सरकार के फरमान के बाद 1 अप्रैल से सरकारी गेहूं खरीद शुरू होनी थी। जिला प्रशासन के निर्देश पर क्षेत्र में सेंटर आवंटन तो हुए, लेकिन वे सिर्फ कागजों पर चल रहे हैं। जमीनी हकीकत यह है कि खरीद केंद्रों पर बैनर तो लगा दिए गए, लेकिन बताया जाता है कि संसाधनों की कमी के चलते खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।  

नतीजा यह है कि किसान अपनी गेहूं की फसल बिचौलियों के हाथों औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं।  

*क्या बोले जिम्मेदार*  
एसडीएम धौरहरा शशीकांत मणि ने बताया कि क्षेत्र में गैस, डीजल, पेट्रोल को लेकर बने हालात से पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। गेहूं खरीद पर उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री कराई है, उन्हीं का गेहूं खरीदने के निर्देश मिले हैं।  

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर ईंधन की आपूर्ति सुचारु करने और खरीद केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू कराने की मांग की है।

Related Articles

Comments

Back to Top