"कॉरपोरेट नीतियां मजदूरों को गुलाम बनाने का हथियार" समाजवादी मजदूर सभा ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

लखीमपुर खीरी , 34

(सुनील शर्मा)

लखीमपुर-खीरी। समाजवादी मजदूर सभा/लोक मजदूर सभा ने सरकार की श्रम नीतियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सहायक श्रम आयुक्त के माध्यम से सौंपा।
गुरुवार को संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन नोएडा में 13 व 14 अप्रैल को घटित घटनाओं के संदर्भ में दिया गया।ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने अकुशल मजदूरों के लिए न्यूनतम 20,000 रुपये मासिक वेतन सुनिश्चित करने की प्रमुख मांग रखी। साथ ही घटना के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी मजदूरों, कार्यकर्ताओं एवं पत्रकारों की तत्काल रिहाई, दर्ज फर्जी मुकदमों की वापसी और उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की गई।संगठन ने 13 व 14 अप्रैल की घटनाओं की न्यायिक जांच कराने, दोषी प्रबंधकों एवं अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने तथा पुलिसिया उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने पर जोर दिया। हड़ताल और यूनियन बनाने के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई।ज्ञापन में आंदोलनरत मनरेगा कर्मियों का बकाया भुगतान तत्काल करने तथा उनकी सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही गई।

इस मौके पर वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार पूंजीवादी कानूनों के माध्यम से श्रमिकों का शोषण कर रही है और सस्ती मजदूरी का रास्ता खोल रही है। इससे देश की विशाल श्रमिक आबादी प्रभावित हो रही है और बेरोजगारी की समस्या और भयावह होती जा रही है।

कार्यक्रम में सरदार हरजीत सिंह, यदुवेंद्र वर्मा 'पम्मू', रियाजुल्ला खान, अनुपम वर्मा, भूपेंद्र सिंह 'अन्नू', सुधीर यादव, अनीता, गीता देवी, माधुरी, सूफिया, साबिर अली, सचिन, अशफाक अंसारी, जितेंद्र, श्रीराम, नीरज रस्तोगी, शीबू अंसारी एवं फुरकान सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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