“सत्य केवल परमात्मा परमेश्वर संसार स्वप्न से भी बदतर झूठ” – महात्मा शिवानंद दास जी
लखीमपुर खीरी Apr 16, 2026 at 04:20 PM , 27*हरिद्वार/लखीमपुर।* सन्त ज्ञानेश्वर स्वामी सदानन्द जी परमहंस द्वारा संस्थापित संस्था ‘सदानन्द तत्त्वज्ञान परिषद्’ के तत्त्वावधान में श्रीहरि द्वार आश्रम, रानीपुर मोड़, हिल बाइपास रोड, इण्डस्ट्रियल एरिया में सत्संग कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बोलते हुए महात्मा शिवानंद दास ने कहा कि यह संसार जैसा दिख रहा है, इसकी यथार्थता वैसी नहीं है। उन्होंने कहा, "जिस प्रकार अंधेरे में रस्सी भी सर्प जैसी प्रतीत होती है, उसी प्रकार यह संसार अज्ञान की अवस्था में सत्य जैसा दिखाई देता है।"
‘रामचरितमानस’ की चौपाई _“झूठहू सत्य जाहि बिनु जाने, जिमि भुजंग बिनु रजु पहचाने”_ का उल्लेख करते हुए महात्मा जी ने समझाया कि यथार्थ ज्ञान के अभाव में यह झूठा संसार सत्य प्रतीत होता है। जब भगवान असीम कृपा करके सद्गुरु रूप में ज्ञान प्रदान करते हैं, तब स्पष्ट हो जाता है कि यह संसार सत्य नहीं बल्कि असत्य है।
उन्होंने आगे कहा, _“जेहि जाने जग जाए हेराई, जागे जथा सपन भ्रम जाई”_ अर्थात ज्ञान रूपी प्रकाश पड़ते ही संसार का भ्रम मिट जाता है। सद्गुरु देव परमपूज्य संत ज्ञानेश्वर स्वामी सदानन्द जी परमहंस ने ज्ञान दृष्टि देकर बताया कि एकमात्र परब्रह्म ही सत्य है, शेष सारा संसार मिथ्या है। _ब्रह्म सत्यं जगत् मिथ्या_ का सिद्धांत इसी सत्य को दर्शाता है।
सत्संग के समापन पर “ये माया तेरी बहुत कठिन है राम” भजन की प्रस्तुति हुई, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे।































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