श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई डॉक्टर अंबेडकर जयंती

लखीमपुर खीरी , 99

(सुनील शर्मा)

लखीमपुर खीरी। विद्याभारती विद्यालय स.ध.स.शिशु वाटिका/ मंदिर- मिश्राना, लखीमपुर में आज सोमवार को संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पूर्ण श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाई गईं। मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, पुष्पार्चन एवं वंदना के उपरांत विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती हीरा सिंह ने आज के कार्यक्रम की प्रस्ताविकी सभी के समक्ष रखी।इस अवसर पर प्रथम सहायक आचार्य ज्ञानेंद्र कुमार बाजपेई ने बताया कि डॉक्टर अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल को हुआ था परंतु उक्त तिथि को अवकाश होने के कारण उनकी जयंती हम वंदना सभा में आज मना रहे हैं। डा० अम्बेडकर भारतीय संविधान के निर्माता थे। भारत का संविधान 2 वर्ष 11 मास 18 दिन में बनकर तैयार हुआ था तथा इसे बनाने में लगभग 64 लाख रुपए खर्च हुए थे।शिशुभारती प्रमुख आचार्य विजय शंकर ने बताया कि देश की आजादी के उपरांत अपने देश का शासन चलाने हेतु संविधान की आवश्यकता हुई इस हेतु प्रमुख रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, रूस, फ्रांस दक्षिण अफ्रीका और जापान देश के संवैधानिक प्रावधानों से प्रेरणा ली गई। वरिष्ठ आचार्य मनोज दीक्षित ने बताया कि उक्त देश के संविधानों को पढ़कर उसमें से अपने देश के लिए आवश्यक नियमों व कानूनों को लिखकर भारतीय संविधान की रचना हुई। गरिमा आचार्या ने बताया कि बाबा साहेब का जन्म 14 अप्रैल 1891को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। आपके पिता का नाम राम जी मालोजी सकपाल और माता का नाम भीमाबाई था। देश के आजाद होने पर आपको पंडित जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमंडल में विधि मंत्री का दायित्व दिया गया। शिशु वाटिका कार्यक्रम की संयोजिका ने अपने विचार व्यक्त करते हुयें बताया कि भारतीय संविधान में हम भारतीय नागरिकों के लिए 11 मूल कर्तव्यो एवं 6 मौलिक अधिकारों का उल्लेख है। इस अवसर पर सरस्वती शिशु वाटिका/ मंदिर का समस्त आचार्य परिवार उपस्थित रहा। विजय शंकर जी ने आज के सभी वक्ताओं के प्रति आभार ज्ञापित किया।

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