मैलानी में धनुष यज्ञ मेला के मंच पर हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन
लखीमपुर खीरी Apr 13, 2026 at 10:20 AM , 107(केके शुक्ला/हरिशंकर मिश्र)
लखीमपुर खीरी। आदर्श नगर पंचायत मैलानी खीरी में चल रहे धनुष यज्ञ रामलीला मेले में विगत दिवस अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रमुख व्यवसायी राजेश गोयल जी ने नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति महेश्वरी उनके प्रतिनिधि बंटी माहेश्वरी जी जिला उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा भाजपा गुरमीत कौर जी एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया,पश्चात इन सभी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा आए हुए सभी कवियों का माल्यार्पण करके अंग वस्त्र ओढा कर एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया।कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कवि सम्मेलन के संयोजक वरिष्ठ कवि अनिल अमल ने की । सतना मध्य प्रदेश से आईं प्रसिद्ध कवयित्री सुश्री कृपा संगम ने मां सरस्वती की वंदना से कवि सम्मेलन का प्रारंभ किया।
इसके पश्चात बाराबंकी से पधारे ओजस्वी कवि दुष्यंत सिंहनादी ने अपने ओज पूर्ण स्वर में पढा
कविता उनके नाम लिखूँ जो बारूदो पर लेटे हैं।
भुजदण्डों मे भारत का स्वर्णिम सम्मान समेटे हैं।
देते जबाब जो खडे हुए हर एक घिनौनी हरकत का,
हाथो मे ए.के.सैंतालिस सिर पर कफन लपेटे हैं।
रामनगर से आए प्रसिद्ध हास्य कवि विकास बौखल ने अपनी कविताओं से खूब वाह वाही लूटी और साथ ही सबको ठहाके लगवाए, उन्होंने पढ़ा
किसी खंजर से ना तलवार से जोड़ा जाए।
सारी दुनिया को चलो प्यार से जोड़ा जाए।
ये किसी शख्स को दोबारा ना मिलने पाए,
प्यार के रोग को आधार से जोड़ा जाए।
कवित्री कृपा संगम ने भी अपने गीतों गजलों और मुक्तकों से खूब सबका मनमोहा उन्होंने पढ़ा,
कोई ऐतबार में नहीं आया,
कोई इंतजार में नहीं आया,
मुझसे टूटे हैं दिल बहुत लेकिन,
कोई अख़बार में नहीं आया।।
हास्य कवि जो लखनऊ से आए थे चेतराम अज्ञानी ने भी अपनी कविताओं से सबको गुदगुदाया उन्होंने पढ़ा
हास्य ब्यंग्य मैं लिखता हूं , ये मेरी मजबूरी है ।
स्वास्थ्य सही चाहो तो , हंसना बहुत जरूरी है ।
अपने अध्यक्षीय काव्य पाठ में लखीमपुर से आए ओज के वरिष्ठ कवि अनिल अमल ने भी श्रोताओं में खूब जोश भरा और वर्तमान विसंगतियों पर भी प्रहार किया, उन्होंने पढ़ा...
अत्याचारों को सहने की भी कोई सीमा होती है,
आखिर दब कर रहने की भी कोई सीमा होती है,
ऐसा हो विधान जिससे बच्चे विद्यालय में नहीं डरें,
ऐसा हो विधान जिससे बच्चे कुंठित हो नहीं मरें,
भारत की प्रतिभाओं का मत असमय अवसान करो,
केवल वोटो के लालच में मत सवर्ण बलिदान करो।।
इन पंक्तियों पर पूरे पंडाल में तालियों की गूंज सुनाई दी। देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन का बहुत ही शानदार हास्य से परिपूर्ण संचालन विकास बौखल ने किया अंत में गुरमीत कौर जी के द्वारा सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा कवि सम्मेलन को अगले वर्ष तक के लिए स्थगित किया गया। नगर के आए हुए सैकड़ो श्रोताओं ने नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति बंटी माहेश्वरी और उनकी टीम की ऐसे साहित्यिक कार्यक्रम मैलानी में आयोजित करवाने के लिए भूरि भूरि प्रशंसा की ।































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