गोला चैती के ऐतिहासिक मंच पर निरंकारी सत्संग का हुआ आयोजन,
लखीमपुर खीरी Apr 10, 2026 at 06:10 PM , 29गोला गोकर्णनाथ खीरी, छोटी काशी में ऐतिहासिक मेला चैती 2026 के बारहवें दिन सांस्कृितक मंच पर निरंकारी सत्संग के मुख्य अतिथि पूज्य महात्मा ज्ञानेश्वर गौरंग जी ज्ञान प्रचारक देहरादून अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विभाग प्रचारक अभिषेक जी,विशिष्ट अतिथि नगर संघचालक आरएसएस विजय वर्मा, सह नगर संघचालक आरएसएस कौशल मिश्रा, नगर कार्यवाह आरएसएस महेन्द्र पाठक ,नगर प्रचारक आरएसएस अभिषेक,सह जिला कार्यवाह आरएसएस विवेक कुमार, कुम्भी खण्ड कार्यवाह आरएसएस हेमंत कुमार, जिला संगठन मंत्री विद्यार्थी परिषद सत्यम कुमार, हरिप्रीत सिंह हैरी,जोनल इंचार्ज पीलीभीत प्रतिपाल सिंह, संयोजक लखीमपुर प्रवेश साहनी,क्षेत्रीय संचालक अधिकारी रंजीत सिंह, गोला ब्रांच मुखी प्रमिला खुराना और राम करन तथा नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने द्वीप प्रज्वलित कर निरंकारी सत्संग का शुभारंभ किया।इसके बाद अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर पुष्प मालाओं से स्वागत करते हुए सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया ।
नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने संतो का आशीर्वाद लेते हुए कहा कि,"सपूर्व जन्मो के पुण्य से ही सतसंग मिलता है। आज यह चैती मेला का मंच सत्संगियों के चरण धूल से धन्य हो गया।
कार्यक्रम अध्यक्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विभाग प्रचारक अभिषेक जी ने कहा," ऐसे आयोजनों से समाज की कुरीतियां दूर होती है ।मनुष्य ऐसे आयोजनों से संस्कार प्राप्त करता है और अपने संस्कारों से ही मनुष्य भगवान बन सकता है।
मुख्य अतिथि पूज्य महात्मा ज्ञानेश्वर गौरंग जी ज्ञान प्रचारक देहरादून ने कहा कि *परमात्मा जानने योग्य है यह सतगुरु की कृपा से जाना जा सकता है।सतगुरु की कृपा सत्संग से मिलती है ।सत्संग मन के बुरे विचारों और तनाव को दूर कर, उसे निर्मल बनाता है और दिव्य गुणों का संचार करता है।
गोला ब्रांच मुखी प्रमिला खुराना ने कहा," मानव जीवन का उदेश्य भक्ति है लेकिन जो परमात्मा को जान के भक्ति करते है उनका जीवन मुक्त हो जाता है इंसान को परमात्मा की जानकारी करना चाहिए नर पूजा नारायण पूजा ही जीवन की सच्चाई है ईश्वर प्रेम है, प्रेम ही ईश्वर है।
जोनल इंचार्ज पीलीभीत प्रतिपाल सिंह ने कहा," क्रोध हर समस्या की जड़ है। महात्मा कहते है कि क्रोध अकेला नहीं आता अपने साथ तमाम विकार लेकर आता है। सद्गुरु माताजी हमें प्रेम का संदेश दे रही हैं। इंसान को इंसान से प्रेम करना चाहिए। इस लिए ब्रम्ह ज्ञान की आवश्यकता है। जो हमे निरंतर प्रेम करना सिखाता है। संयोजक लखीमपुर प्रवेश साहनी ने कहा, "परमात्मा जानने योग्य है, इसे सद्गुरु की कृपा से जाना जा सकता है। सद्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज की कृपा से परमात्मा एक क्षण में दिखाया जा सकता है। परमात्मा को जानकर ही मानव एकता और विश्व में शांति संभव है।
इस अवसर पर कैलाश नरायन तिवारी लखीमपुर , सुखदेव सिंह, सोनू खुराना गोला,जितेन्द्र सिंह मुखी हरदोई, निदेश कुमार मुखी मैगलगंज, डा० आर आर बंगाली सीतापुर, राम करन राठौर,करन राठौर सहित हजारों सत्संगी उपस्थित रहे ।
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11 अप्रैल 2026 को चैती मेला के सांस्कृतिक मंच पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन 7:00 बजे से।































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