त्योहार और ठंड के मौसम में हल्की सी लापरवाही भारी पड़ सकती है
हेडलाइंस Oct 11, 2020 at 08:30 PM , 576नई दिल्ली। ज्यादातर लोग मान रहे हैं कि भारत में कोरोना वायरस का पीक आ गया और अब वायरस की महामारी खत्म होने की ओर बढ़ रही है। लेकिन हालात पलट सकते हैं। सर्दियों में और इस महीने से शुरू हो रहे त्योहारों के मौसम में संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने खुद इस बारे में चेतावनी दी है। उन्होंने रविवार को कहा कि त्योहार और ठंड के मौसम में हल्की सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि इस मौसम में संक्रमण के बढ़ने के मामलों में तेजी आ सकती है इसलिए ऐसे समय सभी को सावधानी बरतनी होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना वैक्सीन की मौजूदा स्थिति के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा- अलग अलग वैक्सीन का ट्रायल अभी फेज-एक, फेज-दो, फेज-तीन में चल रहा है। इसके नतीजे आने बाकी हैं। इसलिए केंद्र सरकार ने अभी कोई ऐसा फैसला नहीं किया है, जिसके मुताबिक वैक्सीन के इमरजेंसी यूज शुरू किए जा सकें।
डॉक्टर हर्षवर्धन ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि यह वायरस सांस की बीमारी से जुड़ा है और ऐसे वायरस को ठंड के मौसम में बढ़ने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा इस तरह के वायरस ठंड के मौसम और कम आर्द्रता की स्थिति में ज्यादा बढ़ते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा- सर्दी के मौसम में आवासीय इलाकों में लोग ज्यादा जुटते हैं। इससे मामले बढ़ सकते हैं। इसलिए भारत के मामले में, यह मानना गलत नहीं होगा कि सर्दी के मौसम में मामलों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ब्रिटेन की मिसाल देते हुए कहा- वहां ठंड के मौसम में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि देखी गई थी। दुनिया का कोई भी धर्म या भगवान यह नहीं कहता कि आप लोगों की जिंदगी खतरे में डालकर त्योहार मनाएं। कोरोना के खिलाफ जंग को जीतने के लिए हमें पीएम मोदी के जन आंदोलन को गंभीरता से लेना होगा। उन्होंने कहा- देश में कोरोना वैक्सीन पर वैज्ञानिकों की हाई कमेटी टीम काम कर रही है। उम्मीद है कि घरेलू स्तर पर अगले वर्ष जुलाई तक वैक्सीन आ सकती है।































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