जीएसटी कौंसिल की एक अहम बैठक सोमवार को

हेडलाइंस , 627

नई दिल्ली। वस्तु व सेवा कर, जीएसटी कौंसिल की एक अहम बैठक सोमवार को होगी। इसमें राज्यों को दिए जाने वाले मुआवजे के भुगतान को लेकर एक बार फिर चर्चा होगी। एक हफ्ते पहले हुई बैठक में विपक्षी पार्टियों के शासन वाले राज्यों ने मुआवजे की राशि की भरपाई के लिए कर्ज लेने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। इस मसले पर सोमवार की बैठक में विवाद होने की संभावना है।

जानकार सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मुआवजा राशि को लेकर आम सहमति बनाने के लिए एक मंत्रिस्तरीय समिति बनाने के गैर भाजपा शासित राज्यों के सुझाव पर गौर किया जा सकता है। इस बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली परिषद लगातार तीसरी बार जीएसटी राजस्व में कमी की भरपाई को लेकर चर्चा करने वाली है।

गैर भाजपा शासित राज्यों का सुझाव है कि मुआवजा राशि के मुद्दे पर आम सहमति बनाने के लिए मंत्रिस्तरीय समिति का गठन किया जाए। हालांकि, भाजपा शासित राज्य कर्ज लेने के विकल्प पर पहले ही केंद्र से सहमत हो चुके हैं और उनका कहना है कि उन्हें अब कर्ज लेने की दिशा में आगे बढ़ने की अनुमति मिलनी चाहिए, जिससे उन्हें जल्दी धन उपलब्ध हो सके। बताया जा रहा है कि सोमवार को होने वाली जीएसटी कौंसिल की 43वीं बैठक का एकसूत्रीय एजेंडा मुआवजे के मुद्दे पर आगे का रास्ता निकालना होगा।

पिछले ही सप्ताह जीएसटी कौंसिल की बैठक हुई थी, जिसमें यह फैसला किया गया था कि कार, तंबाकू आदि जैसे विलासिता या अहितकर उत्पादों पर जून 2022 के बाद भी उपकर लगाया जाएगा। जीएसटी कौंसिल की उस बैठक में मुआवजे के मुद्दे पर आम सहमति नहीं बन पायी थी। गौरतलब है कि चालू वित्त वर्ष में जीएसटी मुआवजा राजस्व में 2.35 लाख करोड़ रुपए की कमी रहने का अनुमान है। मुआवजा राशि के मुद्दे पर केंद्र ने अगस्त में राज्यों को दो विकल्प दिए थे। पहले विकल्प में भारतीय रिजर्व बैंक से 97 हजार करोड़ रुपए के कर्ज के लिए विशेष सुविधा दी जानी है। वहीं, दूसरे विकल्प में पूरे 2.35 लाख करोड़ रुपए बाजार से जुटाने की बात है।

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