उत्तर प्रदेश में कई मंत्रियों नें की पुराने स्टाफ की मांग अधिकारी असमंजस में

जनपत की खबर , 306

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की नई सरकार बनने के बाद सभी मंत्रियों को उनके स्टाफ को लेकर खास दिशानिर्देश जारी किए गए थे। इसमें कहा गया था कि मंत्रियों को अपने पसंद का स्टाफ रखने की आजादी नहीं होगी लेकिन अब दोनों उपमुख्यमंत्रियों समेत कई मंत्रियों ने अपने पुराने स्टाफ की मांग की है। इसे लेकर सचिवालय प्रशासन असमंजस में है। बताया जा रहा है कि इससे संबंधित फाइल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी जाएगी।बता दें कि मंत्रियों के स्टाफ में निजी सचिव, अपर निजी सचिव, समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी शामिल होते हैं। नई सरकार बनने के बाद योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी मंत्रियों को नए स्टाफ रैंडमली तय करके दिए गए थे। इसमें इस बात का खासतौर पर ध्यान रखा गया था कि किसी भी मंत्री को दोबारा वही स्टाफ न मिले, जिसके साथ वह काम कर चुका हो लेकिन अब मंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों ने इस नियम के विपरीत अपने पुराने स्टाफ दिए जाने की मांग की है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डेढ़ दर्जन से ज्यादा मंत्रियों और दोनों उपमुख्यमंत्रियों बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने सचिवालय प्रशासन को आवेदन भेजा है कि उन्हें अपने पुराने स्टाफ मुहैया कराए जाएं। ऐसे में सचिवालय प्रशासन के अधिकारी मंत्रियों की मांगों को लेकर पशोपेश में हैं। ऐसे में इनकी मांगों से सबंधित फाइल को सीएम के पास भेजने की तैयारी है।

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