1967 से अस्तित्व में आई अयोध्या विधान सभा का बदलती रही राजनीति कई बार बदली अयोध्या की राजनीति

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अयोध्या। 2022 विधानसभा चुनाव में अयोध्या सीट बहुुुत ही महत्वपूर्ण है। वैसे तो यह सीट भारतीय जनता पार्टी का गढ़ माना जाता है। लेकिन 3 दशक पूर्व यूपी की राजनीति की तरह इस सीट की भी रंग बदलता रहा हैं। लेकिन राम मंदिर आंदोलन के बाद इस सीट ने भाजपा का रंग दे दिया। आज राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। तो वहीं अब सभी पार्टियां राम को अपने रंग में लाने का प्रयास कर रहे हैं।उत्तर प्रदेश की सियासत में अयोध्या विधानसभा 1964 में अपने वजूद में आई थी। अयोध्या विधानसभा पहले फैजाबाद का सदर विधानसभा का हिस्सा हुआ करता था 1967 के चुनाव में इस सीट पर जनसंघ पार्टी से बृज किशोर अग्रवाल ने जीत दर्ज की थी। तो वहीं 1969 में इस सीट पर कांग्रेस के विश्वनाथ कपूर के हाथों में चली गई। फिर 1974 में जनसंघ के वेद प्रकाश अग्रवाल द्वारा कब्जा किया। तो 1977 में जनता पार्टी से जयशंकर पांडेय विधायक बने। और 1980 में यह सीट कांग्रेस के हाथों में गए। और निर्मल खत्री यहां के विधायक बने थे। 1985 में फिर कांग्रेस के ही सुरेंद्र प्रताप सिंह विधायक बने। 1989 में जनता दल से एक बार से जय शंकर पांडे चुने गए जिसके बाद अयोध्या में राम मंदिर का आंदोलन से उत्तर प्रदेश के साथ अयोध्या सीट प्रभु राम का रंग दिखने लगा और फिर राम के भरोसे अयोध्या के इस सीट पर संतों के बीच लल्लू सिंह विधायक बने और 1991 से 2007 तक 5 बार बने रहे। लेकिन इस बीच ब्राह्मण वाद को लेकर 2012 में समाजवादी पार्टी से पहली बार तेज नारायण पांडेय विधायक बने लेकिन 2017 में बीजेपी ने इस सीट को फिर अपने कब्जे में ले लिया और 2017 में अयोध्या विधानसभा सीट से वेद प्रकाश गुप्ता विधायक बने।उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों शोर से की जा रही है। लेकिन इस बार सभी राजनीतिक पार्टियां अयोध्या के राम को आने रंग रंगने की कोशिश कर रहे हैं। इस वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर सपा कांग्रेस और भाजपा पूरी तैयारी है। लेकिन प्रत्याशियों की बात की जाए तो समाजवादी पार्टी के द्वारा ब्राह्मण चेहरा के रूप में तेज नारायण पांडे जो पूर्व में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। तो वहीं भाजपा अब अयोध्या के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उतार सकती है। और कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी भी इस सीट को लेकर कोई बड़ा चेहरा तैयार करने की कवायद कर रही है।

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