थाना पारा के अंतर्गत कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना अवैध कब्जे फर्जी कब्जा लेटर बनाकर मकान खरीदना बेचना का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है
जनपत की खबर Aug 25, 2021 at 08:10 PM , 617लखनऊ।
थाना पारा के अंतर्गत कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के नाम पर बड़ी तादाद में अवैध कब्जे फर्जी कब्जा लेटर बनाकर लोगों को गुमराह करके मकान खरीदना बेचना का धंधा धड़ल्ले से जोरों शोरों से चल रहा है
वहीं पर कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना हंस खेड़ा चौकी के निकट नई काशीराम कॉलोनी पुरानी काशीराम कॉलोनी में बड़ी तादाद में लोगों ने मकान किराए पर दे रखे हैं जिसकी कभी जांच नहीं हुई
काशीराम कॉलोनीओं में ज्यादातर लोग लोफर लफंगे दबंग गुंडे सड़कों पर घूमते रहते हैं और काशीराम कॉलोनी में अवैध कब्जा करके जबरन मकान में रहे रहे हैं उनके ऊपर डूडा विभाग के अधिकारी एवं नगर निगम के अधिकारी गणों की बड़ी मेहरबानी है
वहीं पर अवैध कब्जा कर के रहने वाले बड़ी तादाद में बिजली कटिया चोरी भी कर रहे हैं जिसके ऊपर संबंधित बिजली विभाग के अधिकारीगण लाइनमैन बहुत ज्यादा मेहरबान है
कुछ मकान मालिक तो ऐसे भी हैं काशीराम कॉलोनी में जो की 2013 में मकान अलॉटमेंट कब्जा लेटर लेकर लेने के बाद कभी भी मकान में रहने नहीं आए और उस मकान को किराए पर दे दिया है ऐसे लोगों को जो ज्यादातर कॉलोनी में गंदगी फैलाने से लेकर गलत कार्यों में भी लिप्त रहते हैं मगर मकान किराए पर देने वाले मकान मालिक को सिर्फ अपने किराए से मतलब
डूडा द्वारा 2009 में 2011 में 2010 में 2012 में सत्यापन किया गया पात्र गरीबों को मकान दिलाए जाने के संबंध में मगर लेखपालों अधिकारी गणों ने सत्यापन में बड़ा फर्जीवाड़ा किया पात्रों को काशीराम योजना आवासीय की सूची में नाम नहीं डाला बल्कि आपात्रों को मिलीभगत करके मोटी रकम खाकर सूची में नाम डाल दिया और आपात्रों ने मकान हथिया लिया और उसको बिना सोचे समझे ऐसे लोगों को किराए पर दे दिया जो दूर दराज से क्राइम करके आए हुए हैं वहां भी क्राइम करते थे यहां भी क्राइम कर रहे हैं पुलिस का बड़ा सरदर्द बने हुए हैं
अभी 2 दिन पहले व्हाट्सएप सोशल मीडिया पर खबर चल रही थी अलका नाम की महिला पत्नी बबलू 3 सालों से 17 बटा 1 में ₹2000 प्रति माह के हिसाब से रह रहे थे मकान मालिक लाली देवी का पुत्र धर्म नाम का व्यक्ति प्रतिमाह कराया ले जाता था 3 सालों से बराबर वह लोग शांतिपूर्ण अच्छे व्यवहार बनाकर लोगों के साथ रह रहे थे अलका का आरोप है कि जिन का मकान है वह लोग हमारे रिश्तेदार है 7 साल पहले उनके घर में शादी के उपरांत मेरे पति बबलू ने रिश्तेदारी के चलते ₹75000 उनको उधार दिया था जो अभी तक उन्होंने नहीं लौटाया जब अलका को पैसे की जरूरत पड़ी कुछ महीने पहले तब लाली देवी के पुत्र धर्म अन्य परिवार जन आग बबूला हो गए और मकान खाली करने की धमकी देने लगे और यह कहने लगे कि तुमने पैसा नहीं दिया था हमको अलका का कहना है रिश्तेदारी के चलते विश्वास के नाते हमने पैसा दे दिया था उसके बाद लाली देवी का स्वर्गवास हो जाता है और उसके बाद उनके परिजनों का खेल चलता है अलका पत्नी बबलू को प्रताड़ित करने लगते हैं मकान खाली कराने को लेकर लाली देवी का पुत्र धर्म अपने साथी के संग आकर दारू के नशे में अलका के पति के ना होने पर उसके घर में घुसकर अश्लील बातें अपशब्दों का प्रयोग करने लगता है यह सब पीड़ित महिला अलका मोहल्ले वालों को इकट्ठा कर यह मामला दिखाया जाता है और पुलिस को भी सूचित किया जाता है मगर पीड़ित की कोई सुनवाई नहीं होती आज पीड़ित के ऊपर इतना बड़ा दबाव मकान मालिक बना रहे हैं पुलिस का सहयोग लेकर और उस को धमकी दी जा रही है अपशब्दों का प्रयोग किया जा रहा है मकान के अंदर का सामान फेंकने की धमकी दी जा रही है जब पीड़ित ने 3 महीने का समय मांगा मकान खाली करने को लेकर तब हंस खेड़ा चौकी पुलिस कांस्टेबल गणों ने पीड़ित के ऊपर दबाव बनाया कि अगर 15 दिन के अंदर मकान खाली ना करें यह महिला तो इसका मकान का सामान फेंक देना ऐसा मकान मालिक को पुलिस द्वारा कहा गया इसीलिए मकान मालिक की हौसला बुलंद हो गया पीड़ित अलका मायूस हो गई भयभीत होकर पुलिस के डर से और उनके पूरे परिवार के डर से दरबदर मकान ढूंढने की कोशिश करने लगी मगर उसको किराए पर मकान बरसात होने के चलते कहीं नहीं मिला जिसको लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मी के द्वारा अपनी आपबीती उसने बताई इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मी ने पीड़ित महिला अलका नाम की उसकी आपबीती का वीडियो बनाकर व्हाट्सएप सोशल मीडिया पर शासन प्रशासन जनप्रतिनिधियों एवं उच्च अधिकारी गणों पुलिस प्रशासन की अधिकारी गणों की ईमेल आईडी सही लेख लिख कर सोशल मीडिया पर वायरल किया कमिश्नरेट पुलिस ने तुरंत सोशल मीडिया पर वीडियो देखते ही एक्शन लेते हुए थाना पारा पुलिस को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया था तीसरा दिन हो गया है अभी तक पीड़ित की कोई सुनवाई नहीं हुई कमिश्नर साहब के आदेशों को भी पारा पुलिस नहीं मानती।































Comments