विपक्ष के हंगामे के बीच दूसरे दिन भी नहीं हो सकी कार्यवाही, दो बार स्थगन के बाद दिन भर के लिए गया स्थगित

हेडलाइंस , 441

नयी दिल्ली |  विपक्ष के लगातार विरोध के बाद दूसरे दिन भी संसद की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी. सत्र के शुरू होते ही एक बार फिर से टेलीफोन टैपिंग, महंगाई, किसान एवं डीजल-पेट्रोल के दामों को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. अपराह्न तीन बजे कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के आसपास आ गये. पीठासीन सभापति किरीट सोलंकी ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने एवं सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाये. श्री सोलंकी ने हंगामा नहीं थमता देख कर सदन की कार्यवाही गुरुवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.  इससे पहले आज पूर्वाह्न 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई कांग्रेस तथा कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे. वे जासूसी के कथित आरोपों, महँगाई, किसानों से जुड़े मसलों तथा अन्य मुद्दों को लेकर हंगामा कर रहे थे. श्री बिरला ने विपक्षी सदस्यों से शांति बनाये रखने की अपील की और प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू की. कृषि एवं कृषक कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने शोर-शराबे के बीच ही आधुनिक कृषि से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दिया. इस बीच विपक्ष के कुछ सदस्य हाथों में तख्तियां लिए सदन के बीचों-बीच आ गये. श्री बिड़ला लगातार शांति बनाये रखने की अपील करते रहे. उन्होंने कहा कि सदन में तख्तियां लाना नियम-प्रक्रिया के अधीन नहीं है. कृपया सदस्य नारेबाजी और तख्तियां दिखाना बंद करें. उन्होंने कहा “आप जिस भी मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं, सरकार चर्चा के लिए तैयार है”. लेकिन जब विपक्षी सदस्यों पर उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ तो उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर बाद दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी. बाद में एक बार फिर से जब कार्यवाही शुरु हुई तो हंगामा जारी रहने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के स्थगित कर दी थी.

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