विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही मतदाताओं को बहकाने-भटकाने के लिए फिर हुआ सक्रिय आरएसएस : अख‍िलेश यादव

जनपत की खबर , 440

लखनऊ। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सक्रियता बढऩे को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदाताओं को बहकाने-भटकाने की रणनीति का हिस्सा बताया है। कहा कि अपनी कठपुतली भाजपा सरकार बचाने के लिए आरएसएस सक्रिय हो गया है। संघ इस बात से चि‍ंतित है कि भाजपा सरकार ने साढ़े चार साल बगैर काम के बिता दिए। लखनऊ में हुई संघ की समन्वय बैठक के जरिये फिर से मतदाताओं को बहकाने की कोशिश हो रही है। दिखावे के लिए कथित सेवा को भी राजनीति में घसीटने का प्रयास है। अखिलेश ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि संघ के निर्णयों से भाजपा की चुनावी दिशा का स्पष्ट संकेत मिलता है। सपा के पक्ष में जनता के बढ़ते रुझान को देखते हुए संघ चि‍ंतित हो गया है। साढ़े चार साल में भाजपा ने जनता को सिर्फ धोखा दिया है। विकास अवरूद्ध हुआ है। गरीब, किसान, नौजवान, श्रमिक, व्यापारी, महिला सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों को महंगाई, बेकारी, प्रशासनिक उत्पीडऩ का शिकार होना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि जब भाजपा की नाव डूब रही है तब आरएसएस की शरण में जाने से भी क्या होगा? खुद संघ महानगरों की शाखाओं तक सीमित है। गांव-किसान-मजदूर से उसका कोई नाता रिश्ता नहीं है। पथ संचलन के नाम पर सिर्फ सड़क पर उनका डंडा प्रदर्शन ही दिखता है। सेवा क्षेत्र में तो उसकी कहीं कोई उपस्थिति कोरोना संक्रमण काल में दिखाई नहीं दी। जनता संघ-भाजपा दोनों की सच्चाई जानती है।समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार का इरादा विश्वविद्यालयों में समान पाठ्यक्रम के नाम पर भगवा एजेंडा लागू करना है। समान पाठ्यक्रम लागू करने से प्रदेश की उच्च शिक्षा बर्बाद हो जाएगी। भाजपा सरकार विश्वविद्यालयों में समान पाठ्यक्रम लागू करने के नाम पर उनकी स्वायत्तता समाप्त करने की साजिश कर रही है।दरअसल, नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश सरकार विश्वविद्यालयों में एक समान पाठ्यक्रम लागू करना चाहती है। उच्च शिक्षा विभाग इसे इसी सत्र से लागू करने का दबाव बना रहा है। इसी मसले पर सपा अध्यक्ष ने सोमवार को कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षा के राजनीतिकरण और विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक आजादी में सरकारी दखल के सख्त खिलाफ है। सपा हर हाल में शैक्षिक संस्थानों की स्वायत्तता की पक्षधर है। अखिलेश ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय के सभी संकायों ने सर्वसम्मति से उत्तर प्रदेश शासन द्वारा भेजे गए पाठ्यक्रम को न केवल अस्वीकार किया है बल्कि इसे विश्वविद्यालय की गरिमा पर हमला बताया है। भाजपा सरकार को शिक्षकों की भावना का सम्मान करना चाहिए।

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