अनिवार्य हॉलमार्किंग का स्वागत कर ठगा ठगा महसूस कर रहे हैं भारत के सर्राफ

जनपत की खबर , 401

लखनऊ। 

 

केंद्र सरकार के द्वारा लागू अनिवार्य हॉलमार्किंग को सर्राफा जगत ने हृदय से स्वीकार किया।  सरकार के साथ मीटिंग करके कार्यान्वयन में होने वाली असुविधाओं पर चर्चा की और निवेदन किया कि पुराने स्टॉक को हॉलमार्क करने हेतु यथोचित समय दिया जाए। सरकार ने ३१ अगस्त २०२१  तक की समय सीमा पुराने माल की हॉलमार्किंग हेतु निर्धारित की । 

देश  में केवल 933 हालमार्किंग सेण्टर है। जिनकी प्रतिदिन की क्षमता 300 पीस जेवर को हॉलमार्क करने की है।  59390 ज्वेलर्स अभी तक अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके है।  कुल 36 कार्यदिवस बाकी हैं , यदि प्रति ज्वेलर आंकलन किया जाए तो मात्र 170 पीस प्रति ज्वेलर ही हॉलमार्क हो पायेगा। ऐसे में सभी चिंतित हैं कि, 01 सितम्बर के बाद क्या  वैधानिक रूप से व्यापार संभव हो पायेगा ?   अलग अलग शहरों में क्षमता भी अलग अलग है यदि हम निम्नांकित तालिका को देखें जो कुछ प्रमुख शहरों कि स्थिति को दर्शाती है।

कुल रजिस्टर्ड    सर्राफ उपलब्ध हॉलमार्क सेण्टर  सभी हॉलमार्किंग सेण्टर कि कुल क्षमता* प्रति ज्वेलर हॉलमार्क होने वाले पीस

कानपुर 482 4 43200 90

 जयपुर 779 13 140400 180

लखनऊ 743 9 97200 131

मुंबई  2471 52 561600 227

कोलकाता 1557 44 475300 305

 इंदौर 150 4 43200 288

पुणे 1408 14 151200 107

नागपुर 348 2 21600 62

दिल्ली  2381 32 345600 145

आगरा 553 3 32400 58

*उपरोक्त तालिका में अंकित आंकड़े १७-०७-२०२१ को १६:०० बजे कि वास्तु स्थिति के आंकलन के अनुसार हैं। प्रति कार्य दिवस ३०० पीस जेवर से ३६ कार्यदिवस को गुडन करके प्रत्येक ज्वेलर के अधिकतम हाल मार्क हो पाने वाले जेवर का आंकलन है।

एकतरफ जहाँ व्यापारी अपने स्टॉक को शीघ्रता से हॉलमार्क करा कर कानूनी दायरे में व्यापार करने हेतु तत्पर है| दूसरी तरफ विभाग ने नोटिसों का सिलसिला शुरू कर दिया है।  जिस से व्यापरियों में असंतोष व्याप्त है।

AIJGF के अध्यक्ष पंकज अरोरा ने पदाधिकारियो की आकस्मिक मीटिंग बुलाई जिसमें गुजरात से चेयरमैन शांति भाई , मथुरा से अमित जैन , दिल्ली से राकेश कुमार , उमेश गर्ग,  सुशिल जैन इंदौर से संतोष सर्राफ, जयपुर से मातादीन सोनी, मुंबई से नितिन केडिया, पटना से अशोक कुमार , कानपूर से मणीन्द्र सोनी ,नागपुर से राजकुमार गुप्ता लखनऊ से मनीष वर्मा व् विनोद माहेश्वरी शामिल हुए।  सभी ने एक स्वर में बी आई ऐस के द्वारा जारी नोटिस की निंदा  की। 

राष्ट्रिय सचिव राजीव रस्तोगी के प्रस्ताव पर बोर्ड ने एक स्वर से अनुमोदन किया की पुराने स्टॉक को हॉलमार्क कराने हेतु समय सीमा को कम से कम १ वर्ष तक बढ़ाने हेतु हर स्तर पर प्रयास किया जाए। HUID को कम से कम एक वर्ष के लिए स्थगित किया आजाये क्योंकि इसकी  वजह से हॉलमार्किंग प्रक्रिया धीमी हुई है।

 विनोद महेश्वरी

 संयोजक व फाउंडर

   ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन

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