अलपन बंदोपाध्याय को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बनाया अपना मुख्य सलाहकार

राष्ट्रीय , 310

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि वह राज्य के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को अवकाश ग्रहण करने की अनुमति देने के बाद उन्हें तीन साल के लिए सलाहकार नियुक्त कर रही हैं। उनकी नियुक्ति मंगलवार से प्रभावी होगी। केंद्र ने उन्हें दिल्ली वापस आने का आदेश दिया था। ममता ने संवाददाताओं से कहा कि केंद्र ने उन्हें मंगलवार को नॉर्थ ब्लॉक आने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि लेकिन राज्य प्रशासन की अनुमति के बिना कोई अधिकारी किसी नए कार्यालय में सेवा नहीं दे सकते। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्य सचिव को कल तक नॉर्थ ब्लॉक पहुंचने के लिए केंद्र का एक पत्र मिला। यह मेरे पत्र का नहीं बल्कि मुख्य सचिव को जवाब है। मुझे केंद्र से उस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला है जो मैंने आज भेजा है।’’ बंदोपाध्याय को दिल्ली बुलाने के केंद्र के आदेश को ‘असंवैधानिक’ करार देते हुए ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर यह आदेश वापस लेने का अनुरोध किया है। बनर्जी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार बंदोपाध्याय को कार्यमुक्त नहीं कर रही है। इस कदम के बाद केंद्र द्वारा शीर्ष नौकरशाह के खिलाफ संभावित कार्रवाई के बीच राज्य और केंद्र सरकार के टकराव में और वृद्धि हो सकती है। ममता ने कहा, ‘‘हम उन्हें कार्यमुक्त नहीं कर रहे हैं। वह आज सेवानिवृत्त हो गए हैं, लेकिन वह अगले तीन वर्षों तक मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार के तौर पर काम करेंगे। पश्चिम बंगाल कैडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी बंदोपाध्याय 60 वर्ष के होने पर सोमवार को सेवानिवृत्त होने वाले थे। हालाँकि, केंद्र ने मौजूदा कोविड महामारी के प्रबंधन में उनके काम को देखते हुए उन्हें पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव के रूप में तीन महीने का कार्य विस्तार दिया था। राज्य सरकार द्वारा बंदोपाध्याय को सेवानिवृत्त होने की अनुमति देने संबंधी मुख्यमंत्री के बयान से स्पष्ट होता है कि राज्य मुख्य सचिव को सेवा विस्तार देने के लिए केंद्र की अनुमति का उपयोग नहीं कर रहा है। यह अभी देखा जाना है कि क्या केंद्र बंदोपाध्याय की सेवानिवृत्ति को स्वीकार करता है या नहीं। ममता ने कहा कि गृह सचिव एचके द्विवेदी नए मुख्य सचिव होंगे और बीपी गोपालिका को द्विवेदी के स्थान पर नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देश के संघीय ढांचे को बर्बाद करने और राज्य के लिए समस्याएं पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि वे हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। ममता ने कहा कि हाल ही में मुख्य सचिव निजी दुख से गुजरे हैं और उनकी स्वच्छ छवि रही है। उन्होंने सेवा विस्तार के लिए नहीं कहा था और लोगों के हितों के लिए हमने कहा था।

ममता ने कहा, यह पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध है... उनका एकमात्र निशाना ममता बनर्जी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वे एडॉल्फ हिटलर और (जोसेफ) स्टालिन की तरह निरंकुश व्यवहार कर रहे हैं। राज्य सरकार की सहमति के बिना केंद्र किसी (अधिकारी) को नियुक्ति के लिए बाध्य नहीं कर सकता। मैं भारत की सभी राज्य सरकारों, सभी विपक्षी नेताओं, आईएएस, आईपीएस अधिकारियों, गैर सरकारी संगठनों से इस लड़ाई के लिए एकजुट होने की अपील करूंगी।

Related Articles

Comments

Back to Top